नई दिल्ली : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिकी जनता के नाम एक खुला पत्र जारी किया है। यह पत्र अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले आया है।
पत्र की शुरुआत “बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम” से हुई है।
क्या लिखा मुख्य संदेश में :
- कोई दुश्मनी नहीं: पत्र में उन्होंने लिखा कि ईरान अमेरिकी लोगों, यूरोपियों या पड़ोसी देशों के प्रति कोई शत्रुता नहीं रखता। ईरान को खतरा बताना ऐतिहासिक सच्चाई से मेल नहीं खाता, बल्कि यह राजनीतिक और आर्थिक हितों से प्रेरित “निर्मित दुश्मन” की छवि है।
- आत्मरक्षा का अधिकार: ईरान ने जो कुछ किया, वह आक्रमण नहीं बल्कि वैध आत्मरक्षा है। अमेरिका और इजरायल के हमलों का जवाब दिया गया।
- अमेरिका के हितों का सवाल: पेजेश्कियन ने अमेरिकी जनता से पूछा कि इस युद्ध से अमेरिका के कौन से हित सुरक्षित हो रहे हैं? क्या ‘America First’ वाकई प्राथमिकता है या इजरायल की लड़ाई आखिरी अमेरिकी सैनिक और टैक्सपेयर के डॉलर तक लड़वाई जा रही है?
- इजरायल का प्रॉक्सी: अमेरिका इस संघर्ष में इजरायल का प्रॉक्सी बनकर काम कर रहा है। इजरायल चाहता है कि ईरान से लड़ाई अमेरिका लड़े।
- गलत सूचना से बचें: अमेरिकियों से अपील — प्रचार और गलत सूचना से परे देखें। ईरान ने आधुनिक इतिहास में कभी आक्रमण नहीं किया। ईरानी लोग शांतिप्रिय हैं और ईरानी प्रवासी अमेरिका में अच्छा योगदान दे रहे हैं।
- संवाद का आह्वान: युद्ध का रास्ता महंगा और व्यर्थ है। संवाद और जुड़ाव बेहतर विकल्प है, जो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर बना सकता है।
बता दें कि पत्र में पेजेश्कियन ने 1953 के ईरानी तख्तापलट, सद्दाम हुसैन को समर्थन, लंबे प्रतिबंधों और हाल के हमलों का जिक्र करते हुए अमेरिका पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला युद्ध अपराध होगा, जिसके परिणाम ईरान से आगे जाएंगे।
यह पत्र दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच “नैरेटिव वॉर” का हिस्सा माना जा रहा है।







