वाशिंगटन: अमेरिका में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। अपने इस्तीफे की घोषणा करने के महज एक घंटे बाद अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने बेहद गंभीर बयान दिया। उन्होंने कहा,
“एक पागल व्यक्ति महान अमेरिकी सेना को बर्बादी की ओर ले जाने वाला है।”
यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में चल रही अंदरूनी उथल-पुथल को उजागर कर रहा है।
प्रोफेसर जॉन का क्रूर रियलिटी चेक
इसी बीच प्रसिद्ध प्रोफेसर जॉन ने अमेरिकी विदेश नीति पर सबसे सख्त हमला बोल दिया। उन्होंने कहा: “1971 से 2022 तक अमेरिका ने 38 मिलियन लोगों को मार डाला। वे आतंकवाद की जड़ हैं।”
प्रोफेसर ने आगे जोड़ा, “और यह वही अमेरिका है जो अब ईरान को ‘आजाद’ करने का सपना देख रहा है।”

यह बयान सुनकर कई लोग स्तब्ध रह गए। प्रोफेसर जॉन ने साफ कहा कि अमेरिका खुद दुनिया में अस्थिरता और हिंसा का सबसे बड़ा स्रोत रहा है, फिर भी वह दूसरों को “आजादी” देने का दावा करता है।
दो बड़े सवाल, एक ही समय
- क्या अमेरिकी सेना के शीर्ष नेता खुद अपनी सरकार पर “पागलपन” का आरोप लगा रहे हैं?
- क्या 38 मिलियन मौतों का आंकड़ा अमेरिका की “मानवाधिकार” वाली छवि को चूर-चूर कर देगा?
दोनों बयान एक साथ सामने आने से अमेरिकी नीति और नेतृत्व पर सवालों का तूफान खड़ा हो गया है। दुनिया भर में चर्चा है कि क्या यह अमेरिका के लिए “क्रूर रियलिटी चेक” का समय है?
अभी तक व्हाइट हाउस या पेंटागन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दोनों बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे हैं।






