नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत पर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि दोनों देश “बहुत अच्छे समझौते” के काफी करीब पहुंच चुके हैं, लेकिन अगर ईरान अमेरिका की शर्तें मानने को तैयार नहीं हुआ तो वॉशिंगटन “दूसरा रास्ता” अपनाएगा।
सौदा हो जाएगा, वरना युद्ध विभाग सक्रिय
ट्रंप ने अपनी बहू लारा ट्रंप को दिए एक विशेष साक्षात्कार में यह टिप्पणी की, जिसका प्रसारण शनिवार रात फॉक्स न्यूज पर हुआ। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “हम एक बहुत अच्छे सौदे के करीब हैं। अगर हम इसे कर लेते हैं, तो अच्छा है। वरना हम सीधे युद्ध विभाग (War Department) को लाएंगे, जैसा हम इसे कहते हैं।”ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अगर अमेरिका को अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप नतीजा नहीं मिला, तो वे मामले को दूसरे तरीके से निपटाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्दबाजी नहीं की जाएगी, लेकिन बात आगे बढ़ रही है।

ईरानी अच्छे वार्ताकार, लेकिन सारे पत्ते हमारे पास
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को अच्छा वार्ताकार बताते हुए कहा कि फिलहाल अमेरिका के पास सभी तुरुप के पत्ते हैं। उनका दावा है कि ईरान सैन्य रूप से पहले ही कमजोर हो चुका है। ट्रंप बोले, “ईरानी अच्छे वार्ताकार हैं, लेकिन इस समय सारे पत्ते हमारे पास हैं।”
परमाणु हथियार पर ट्रंप का सवाल
ईरान ने दावा किया है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा है। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि अगर ईरान हथियार खरीद ले तो क्या होगा? उन्होंने कहा कि समझौते में साफ लिखा होना चाहिए कि ईरान न तो खुद परमाणु हथियार विकसित करेगा और न ही किसी से खरीदेगा।
बता दें कि यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर अधिकतम दबाव बनाए रखने की नीति पर आगे बढ़ रहा है, जबकि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अडिग रुख रखे हुए है।
फिलहाल ट्रंप का यह ताजा बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ सौदे की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई की आशंका भी बढ़ गई है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। कोई अंतिम समझौता होने या टूटने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। क्या ट्रंप का यह दबाव काम आएगा या स्थिति और तनावपूर्ण हो जाएगी? आगे की खबरों पर नजर बनी रहेगी।






