सपा सरकार में हजारों नौजवानों की भर्ती हुई थी। शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाकर भी रोजगार के नए द्वार खोले गए थे। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद 23 मार्च को एक आदेश पारित कर बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगा दी गई थी
लखनऊ 6 नवंबर। सपा ने उप्र की योगी आदित्यनाथ सरकार पर विकास कार्यों की रफ्तार व जनहित के कार्यों को रोकने का आरोप लगाया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने यहां जारी विज्ञप्ति में कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने अपने कार्यकाल में विकास कायरे में तेजी लाने के लिए जो जनहितकारी काम शुरू किए थे, उसे भाजपा सरकार ने अपने सात माह के कार्यकाल में ही रोक दिया। सपा सरकार ने जहां एक ओर नौजवानों को रोजगार के साथ सम्मान देने की जिम्मेदारी निभायी थी, वहीं भाजपा सरकार ने नौकरी की व्यवस्था को बेकार कर दिया है।
श्री चौधरी ने कहा कि पिछले दिनों ही भाजपा सरकार की ओर से पुलिस भर्ती पर लगी रोक अदालती आदेश से हटी है। सपा सरकार में हजारों नौजवानों की भर्ती हुई थी। शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाकर भी रोजगार के नए द्वार खोले गए थे। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद 23 मार्च को एक आदेश पारित कर बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों और शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती पर लगी रोक का आदेश रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता जोर-शोर से ‘सबका साथ-सबका विकास’ का नारा तो लगाते हैं, लेकिन समाज को बांटने और आपसी रिश्ते बिगाड़ने का ही काम करते हैं।
अखिलेश यादव ने मेट्रो रेल, एक्सप्रेस-वे और गोमती रिवर फ्रंट जैसी शानदार योजनाएं लागू की थीं। भाजपा सरकार के पास आज भी अपना बताने को कोई काम नहीं है। उसने गोमती रिवर फ्रंट की खूबसूरती को झाड़ में बदल दिया है और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे की जांच का खूब शोर मचाया, जो लड़ाकू विमानों के उतरने के शोर में दब गया। उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र पार्क और जेपी इंटरनेशनल सेंटर जैसे शानदार निर्माण के मुकाबले भाजपा सरकार एक भी नये निर्माण का उदाहरण प्रस्तुत नहीं कर पा रही है। राज्य में विकास का जो बुनियादी ढांचा सपा सरकार ने खड़ा किया था, भाजपा सरकार उसे ध्वस्त करने को ही अपनी सफलता मानती है।







