गोबर को सोना बनाकर की घर-घर डिलीवरी शुरू, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भरता की मिसाल
नई दिल्ली : राजस्थान के दो साहसी भाइयों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मुश्किल वक्त में भी भारतीय जुगाड़ और नवाचार कुछ भी कर सकता है। उन्होंने गोबर से बायोगैस बनाकर 18 किलो गैस वाला 30 किलो सिलेंडर सिर्फ ₹500 में लॉन्च कर दिया है। न सिर्फ बेहद सस्ता, बल्कि घर-घर डिलीवरी भी कर रहे हैं। LPG के बढ़ते दामों में यह पर्यावरण-अनुकूल विकल्प सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कैसे तैयार होता है ये चमत्कारी सिलेंडर?
परंपरागत बायोगैस प्लांट तो घरेलू स्तर पर चलते रहे हैं, लेकिन इन भाइयों ने इसे बड़े पैमाने पर ले जाकर कमर्शियल सिलेंडर में भरने की तकनीक विकसित की है। वीडियो में साफ दिख रहा है – ट्रक पर ढेर सारे बैंगनी रंग के सिलेंडर लोड हो रहे हैं, जो डिलीवरी के लिए तैयार हैं। गोबर की कोई कमी नहीं, देश में गोधन प्रचुर है। ये पहल न सिर्फ महंगाई से राहत देगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने का रास्ता भी खोल सकती है। बता दें कि वायरल वीडियो के वॉइस ओवर में जगह का उल्लेख उत्तराखंड का बताया जा रहा है। वास्तव में यह वीडियो किस जगह का शगुन न्यूज़ इंडिया इस बात की पुष्टि नहीं करता है। 
सोशल मीडिया पर उफान, यूजर्स बोले – सरकार क्यों नहीं करती प्रयास?
खबर वायरल होते ही देशभर के यूजर्स ने इसे सराहा। फिल्मकार राम गोपाल वर्मा ने लिखा: “भारत में गोधन है, गोबरों की कमी नहीं। फिर क्यों सरकारी दिशा में काम नहीं कर रही? क्यों खाड़ी देशों से गैस ला रही? चाहे तो हर गांव में एक गैस प्लांट लगवा सकता है।”
डॉ. के.के. चतुर्वेदी ने सवाल किया: “यदि गोबर गैस प्लांट से निर्मित गैस इतनी सस्ती है, तो सरकार इस दिशा में प्रयास क्यों नहीं करती? क्यों चीन के रास्ते गुंडा टैक्स दे रही? देश के सभी जिलों में ऐसे प्लांट लगाकर व्यवस्था सुदृढ़ करना चाहिए।”
अनुपम बाबा ने इसे सकारात्मक नजरिए से देखा: “यही है, ‘आपदा में अवसर’ का सदुपयोग। भारत माता की जय
कुछ संदेह भी, लेकिन संभावनाएं अनंत
हालांकि कुछ यूजर्स ने तकनीकी संदेह जताया है। अविदित सिद्धि ने लिखा: “यह मुझे सच्चाई से परे लग रहा है। गोबर गैस को सिलेंडर में आने के लिए काफी अधिक प्रेशर चाहिए।”
कुछ का कहना है कि यह दावा अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है। फिर भी, यह पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2040268699484209639
अगर सरकार इस मॉडल को बढ़ावा दे तो पूरे देश में गोबर-आधारित बायोगैस प्लांट लग सकते हैं – ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, आयात कम होगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। सचमुच, ये भारत है मेरी जान!!






