हमारे आसपास अक्सर दो तरह के लोग दिखते हैं एक वो जो हवा में भी वजन बढ़ने की बात करते हैं, और दूसरे वो जो पिज्जा-बर्गर रोज खाते हैं, फिर भी दुबले-पतले बने रहते हैं। सवाल यही है: आखिर ऐसा होता क्यों है?
1. जीन (Genes) का कमाल – “पतला रहने की लॉटरी”
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज की एक बड़ी स्टडी (2019) में पता चला कि कुछ लोगों में जीन का एक खास सेट होता है जो मेटाबॉलिज्म को हमेशा हाई स्पीड पर रखता है। ये जीन फैट को स्टोर करने की बजाय उसे तेजी से जलाने का काम करते हैं।
अगर मम्मी-पापा या दादा-दादी दुबले-पतले रहे हैं, तो 70-80% चांस है कि आपका शरीर भी जंक फूड को आसानी से हैंडल कर लेगा।
इसके उलट, जिन परिवारों में मोटापा आम है, वहां बच्चों में भी मेटाबॉलिज्म धीमा होने की संभावना ज्यादा रहती है।

2. मेटाबॉलिज्म की रफ्तार अलग-अलग होती है
- कुछ लोगों का बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) इतना तेज होता है कि वे सोते हुए भी 1800-2200 कैलोरी जला देते हैं।
- वहीं औसत व्यक्ति का BMR 1400-1600 के आसपास ही होता है। मतलब 500-800 कैलोरी का फर्क रोजाना!
3. लाइफस्टाइल – छिपा हुआ हीरो
जो लोग जंक खाकर भी फिट रहते हैं, उनकी दिनचर्या में अक्सर ये बातें कॉमन होती हैं:
- बिना नोटिस किए वे दिन भर में ज्यादा हिलते-डुलते हैं (NEAT – Non-Exercise Activity Thermogenesis) – सीढ़ियां चढ़ना,
- बार-बार घूमना, खड़े होकर काम करना।
- नींद 7-8 घंटे पक्की होती है (नींद कम हुई तो कोर्टिसोल बढ़ता है → फैट स्टोरेज बढ़ता है)।
- तनाव कम, शराब कम या बिल्कुल नहीं।
- खाना तेजी से नहीं खाते – धीरे-धीरे चबाने से भूख के हार्मोन बेहतर कंट्रोल में रहते हैं।
4. गट बैक्टीरिया का रोल (नया रिसर्च)
हाल के अध्ययनों में पता चला है कि कुछ लोगों के पेट में ऐसे बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं जो कैलोरी को अवशोषित होने से पहले ही बाहर निकाल देते हैं। यानी आपने 1000 कैलोरी खाई, लेकिन शरीर ने सिर्फ 700 ही लीं!
https://x.com/i/status/1992832664328360283
तो क्या करें हम बाकी लोग?
जिन्हें “पतले रहने की जीन लॉटरी” नहीं लगी, उनके लिए अच्छी खबर ये है कि लाइफस्टाइल से 60-70% तक फर्क डाला जा सकता है:
- रोज 20-30 मिनट वॉक या कोई भी हल्की एक्टिविटी जरूर करें।
- प्रोटीन ज्यादा लें – ये मेटाबॉलिज्म को 15-30% तक बूस्ट करता है।
- 7-8 घंटे की नींद को पवित्र समझें।
- खाना धीरे-धीरे चबाएं, प्लेट छोटी रखें।
- हफ्ते में 2-3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें – मांसपेशियां जितनी ज्यादा, कैलोरी उतनी ही ज्यादा जलती है (चाहे आप सो रहे हों)।
अंत में यही कहना है – जीन लोडेड गन हो सकती है, लेकिन ट्रिगर तो आपकी लाइफस्टाइल ही दबाती है।
जंक फूड खाइए, मजा लीजिए, बस थोड़ी समझदारी के साथ!






