- उत्तराखंड में बाढ़ का कहर: अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
- 48 घंटों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, और अन्य उत्तरी राज्यों में भारी बारिश की संभावना
रुद्रप्रयाग/देहरादून, 08 जुलाई 2025: उत्तराखंड में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही भारी बारिश ने राज्य में बाढ़ और भूस्खलन का कहर बरपाया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिसके चलते जिला मुख्यालय के बेलणी पुल के नीचे स्थापित भगवान शिव की मूर्ति लगभग पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। नदी के किनारे बने सभी स्नान घाट भी पानी में डूब गए हैं, और बेलणी में हनुमान मंदिर की दीवारों तक पानी पहुंच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी के आसपास के क्षेत्रों में आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

बाढ़ की स्थिति: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों, जिनमें उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, हरिद्वार, नैनीताल, गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, पौड़ी, और उधम सिंह नगर शामिल हैं, के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। सैटेलाइट डेटा के अनुसार, अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, जिसके कारण नदी किनारे बसे कई घरों को खाली कराया गया है। भारी बारिश के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग पर भूस्खलन से कई रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
भूस्खलन से नुकसान: लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर कई जगहों पर मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं। रुद्रप्रयाग के घोलतीर में हाल ही में एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें एक बस अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिर गई। इस हादसे में एक यात्री की मृत्यु हो गई, सात घायल हुए, और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। बचाव और राहत कार्य जारी हैं, जिसमें SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगी हुई हैं।
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गंगा नदी की स्थिति: गंगा नदी का जलस्तर भी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ रहा है। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान 1.38 सेमी नीचे है, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और उन्नाव में गंगा और यमुना नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा पैदा कर दिया है। उन्नाव में गंगा का जलस्तर तीन दिनों में 81 सेंटीमीटर बढ़ा है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में कटान शुरू हो गया है और कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
NDRF, SDRF की टीमें तैनात
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें तैनात की हैं। उत्तराखंड में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। प्रयागराज में जिला प्रशासन ने 88 बाढ़ चौकियां बनाई हैं और 47 गांवों को संवेदनशील घोषित किया है।
मौसम का पूर्वानुमान: IMD के अनुसार, अगले 48 घंटों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, और अन्य उत्तरी राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है। लोगों से नदियों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी के उफान और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। प्रशासन और बचाव दल स्थिति पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
चमोली में बादल फटने से भारी तबाही, गौशालाएं और खेती बर्बाद
चमोली, 08 जुलाई 2025: उत्तराखंड के चमोली जनपद के नंदानगर ब्लॉक के धुर्मा गांव में बीती रात करीब 4 बजे बादल फटने से भारी तबाही मची। तेज बारिश और मलबे के कारण मोक्ष नदी उफान पर आ गई, जिससे कई गौशालाएं, घर, और खेतों को भारी नुकसान पहुंचा। नदी कटाव से बचाव के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवारें भी बह गईं। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, क्योंकि आने वाले दिनों में गांव पर और खतरा मंडरा रहा है।
SDRF और जिला प्रशासन की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं, और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन संपर्क मार्ग बंद होने और बिजली आपूर्ति ठप होने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे गांववासियों की चिंता बढ़ गई है।







