मुंबई: इस दिवाली, अभिनेत्री अलंकृता सहाय की ज़िंदगी में माँ के अनचाहे आगमन ने त्योहार को यादगार बना दिया। चंडीगढ़ में परिवार के साथ दिवाली मनाने की परंपरा इस बार मुंबई में टूटी, जब उनकी माँ बिना बताए उनके घर पहुंचीं। पिता के निधन के बाद यह पहली दिवाली थी, जिसमें अलंकृता ने फिर से त्योहार की रौनक और आत्मीयता महसूस की।
“माँ के आने से मेरे दिल में रोशनी जगमगा उठी,” अलंकृता ने मुस्कुराते हुए कहा। माँ के साथ उन्होंने दीये जलाए, मिठाइयाँ बाँटीं और बचपन के किस्सों को ताज़ा किया। मुंबई की चमकती गलियों और घर की सजावट के बीच यह पल उनके लिए भावनाओं और प्रेम से भरा रहा।
सकारात्मक सोच और ग्रेसफुल व्यक्तित्व के लिए जानी जाने वाली अलंकृता ने कहा, “दिवाली सिर्फ़ दीयों का त्योहार नहीं, बल्कि उन रिश्तों का उत्सव है जो हमें पूरा करते हैं। हर रोशनी में मुझे पापा की याद और माँ की ऊर्जा महसूस हुई।”
यह दिवाली अलंकृता के लिए किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी इमोशन, सरप्राइज़ और प्यार से भरा एक खूबसूरत क्लाइमेक्स। उनकी मुस्कान उस रात पूरे आसमान को झिलमिलाने के लिए काफी थी।







