Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, February 18
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    विरोध प्रदर्शन के बीच ईरान में बढ़ता संकट, आर्थिक संकट और अमेरिकी धमकियों के बीच अशांति

    ShagunBy ShagunJanuary 18, 2026 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 627

    पिछली कई घटनाओं को लेकर ईरान एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है, इस परिपेक्ष्य में जहां घरेलू विरोध प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय तनाव एक साथ उभरकर सामने आए हैं। वहीँ दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं, जो आर्थिक संकट से उपजे असंतोष को दर्शाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इन प्रदर्शनों पर कड़ी नजर रखी है और ईरान को चेतावनी दी है कि अगर दमन जारी रहा तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। यह स्थिति मध्य पूर्व में एक बड़े संघर्ष की आशंका पैदा कर रही है।

    विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत और विस्तार : ईरान में विरोध प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत में तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए, जब रियाल की कीमत ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई और मुद्रास्फीति ने आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया। शुरुआत में ये प्रदर्शन आर्थिक मांगों तक सीमित थे, लेकिन जल्द ही वे शासन-विरोधी नारों में बदल गए। प्रदर्शनकारी “तानाशाह की मौत” जैसे नारे लगा रहे हैं और 1979 की क्रांति से पहले के झंडे लहरा रहे हैं। अब ये प्रदर्शन 31 में से 22 प्रांतों तक फैल चुके हैं, जिसमें तेहरान, इस्फहान और कुर्द बहुल इलाकों जैसे शहर शामिल हैं।

    ईरानी अधिकारियों ने इंटरनेट ब्लैकआउट लागू कर दिया है, जो अब पांचवें दिन में है, ताकि समन्वय और वीडियो फुटेज को रोका जा सके। फिर भी, रिपोर्ट्स में सड़कों पर झड़पें, हड़तालें और अस्पतालों में घायलों की भीड़ की खबरें आ रही हैं। मौतों की संख्या को लेकर अलग-अलग अनुमान हैं: अमेरिका-आधारित एचआरएएनए ने 544 से अधिक मौतें बताई हैं, जबकि कुछ विपक्षी स्रोतों का दावा है कि यह संख्या हजारों में है। ईरानी अधिकारियों ने खुद करीब 2,000 मौतों की पुष्टि की है, जिसमें सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल हैं। आईआरजीसी से जुड़ी मीडिया ने 114-121 सुरक्षा बलों की मौतों की रिपोर्ट की है, जो पहले के विरोधों से अधिक है।

    ईरानी राज्य मीडिया ने हाल ही में दंगे की नई फुटेज जारी की है, जिसमें मास्क लगाए हुए प्रदर्शनकारी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते दिख रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि ये हिंसा विदेशी ताकतों (अमेरिका और इजराइल) द्वारा प्रायोजित है।

    अमेरिका ने इराक से अपनी सेनाओं को पूरी तरह वापस ले लिया है, जहां से ऐन अल-असद एयरबेस को इराकी सेना को सौंप दिया गया है। यह कदम ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने मीडिया से कहा कि अमेरिका हमले की योजना बना रहा है, जबकि ईरान ने सभी क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों पर हमले की धमकी दी है।

    इजराइल भी हाई अलर्ट पर है और अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल स्टॉकपाइल पर नजर रख रहा है। इजराइली मीडिया का दावा है कि अमेरिका जनवरी के अंत तक ईरान पर हमला कर सकता है, जिसमें रूसी हथियारों और चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अमेरिका के अनुरोध पर ईरान के संकट पर बैठक बुलाई है।

    ईरान की आंतरिक चुनौतियां और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाईरान का शासन इस संकट को “उत्तरजीविता मोड” में देख रहा है। आर्थिक प्रतिबंधों, क्षेत्रीय संघर्षों और 2025 में इजराइल के साथ युद्ध के कारण राज्य की क्षमता चरमरा गई है। पानी की कमी, प्रदूषण और बिजली कटौती ने जनता की नाराजगी बढ़ा दी है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन जैसे नेता आंतरिक असहमति का सामना कर रहे हैं, लेकिन शासन सुधार की बजाय दमन पर जोर दे रहा है।

    विपक्षी गुटों में सुधारवादी, धार्मिक विरोधी और प्रवासी समूह शामिल हैं, जो शासन परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। रेजा पहलवी जैसे प्रवासी नेता प्रदर्शनकारियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने अमेरिका को अशांति के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, तुर्की जैसे देश शरणार्थी प्रवाह की आशंका जता रहे हैं। भारत ने भी ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए हैं, हालांकि हालिया अपडेट्स में इस पर ज्यादा विवरण नहीं है। लौटने वाले नागरिक मोदी सरकार की सराहना कर रहे हैं।

    क्या हो सकता है आगे ?
    ईरान का संकट एक टिपिंग पॉइंट पर है। अगर प्रदर्शन जारी रहे और दमन बढ़ा तो अमेरिका-इजराइल की कार्रवाई संभव है, जिसमें साइबर हमले, लक्षित हमले और आर्थिक दबाव शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शासन में दरारें (जैसे सुरक्षा बलों में विद्रोह) स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं। मध्य पूर्व में शांति के लिए वार्ता जरूरी है, लेकिन वर्तमान में युद्ध की आहट सुनाई दे रही है। दुनिया की नजरें अब ट्रंप प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। – प्रस्तुति : सुशील कुमार 

    Shagun

    Keep Reading

    सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय: एआई का भारतीय मॉडल, आम आदमी के लिए अवसर

    युवाओं के लिए सावधानी का सबक है ‘विश्वास से पहले सतर्कता’

    Aam Aadmi Party took to the streets against the politics of hatred.

    नफरत की राजनीति के खिलाफ सड़कों पर उतरी आम आदमी पार्टी

    बदहाल नदियों से लोगों के पाप कब कब तक धुलेंगे?

    BNP's historic victory in Bangladesh: Return to power after 20 years, what does it mean for India?

    बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक जीत: 20 साल बाद सत्ता में वापसी, भारत के लिए क्या मायने?

    उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर: सपा में शामिल होंगे नसीमुद्दीन सिद्दीकी

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Twin brothers from Bhubaneswar write a new chapter in JEE Main: Same hard work, same results!

    भुवनेश्वर के जुड़वां भाइयों ने JEE Main में लिखी नई इबारत: एक जैसी मेहनत, एक जैसा परिणाम!

    February 18, 2026
    'Garam Mahosh' is coming to set Bollywood on fire!

    बॉलीवुड में आग लगाने आ रहा है ‘गरम माहौल’!

    February 17, 2026

    उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का महासंग्राम शुरू!

    February 17, 2026

    सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय: एआई का भारतीय मॉडल, आम आदमी के लिए अवसर

    February 17, 2026

    युवाओं के लिए सावधानी का सबक है ‘विश्वास से पहले सतर्कता’

    February 17, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading