शिविरों का उद्देश्य मनोरंजक व रूचिपूर्ण तरीकों से बच्चों में खेल-खेल में ही प्रभावपूर्ण ज्ञानवर्धक संस्कारों को विकसित करना
लखनऊ, 23 अप्रैल। गीता परिवार उ.प्र. की ओर से सोमवार को तीन दिवसीय, सात संस्कार पथ शिविरां का शुभारम्भ हुआ। राजा हरीशचन्द्र शिक्षा निकेतन राजाबाजार में, अपॉजल पब्लिक स्कूल इंटर कालेज मड़ियाव में, स्वामी विवेकानन्द गर्ल्स इंटर कालेज बंगलाबाजार में, पुरुषोत्तम बाल विद्या मंदिर मोहिबुल्लापुर में, सेंट जोहन्स स्कूल त्रिवेणीनगर में, प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव में, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर मड़ियाव में संस्कार पथ व्यक्तित्व शिविर की शुरूआत की गई।

सभी शिविरों में बच्चों को प्रार्थना, ध्यान, सुवाक्य, मंगल स्मरण, बैठक खेल, प्रात्यक्षिक, भगवदगीता, गीत, प्रश्नोत्तरी, योगासन, संपूर्ण वंदेमातरम सिखाया गया और विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियां ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बच्चे इन शिविरों से संस्कारों का सृजन कर रहे हैं यही बच्चे हमारे भविष्य की धरोहर बचाकर रखते है। इस वर्ष संस्कार पथ व्यक्तित्व विकास शिविर का थीम वंदेमातरम है।
इन शिविरों का उद्देश्य मनोरंजक व रूचिपूर्ण तरीकों से बच्चों में खेल-खेल में ही प्रभावपूर्ण ज्ञानवर्धक संस्कारों को विकसित करना है। संस्कार शिविरों मनोरंजक ढंग विभिन्न प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों का व्यक्तित्व, बौद्धिक विकास किया जा रहा है।







