दूसरे दिन भी जारी रहा धरना-प्रदर्शन, निष्कासित छात्र पर कथित हमले के आरोप
लखनऊ, 19 नवंबर 2025। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में पीएचडी शोधार्थी बसंत कुमार कनौजिया के निष्कासन को लेकर विवाद गहरा गया है। विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति ने उन्हें 17 सितंबर 2025 की एक घटना में ‘उपद्रव भड़काने’ और ‘कुलपति कार्यालय में तोड़फोड़’ के आरोप में दोषी मानते हुए तत्काल निष्कासित कर दिया है तथा भविष्य में किसी कोर्स में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद छात्रों ने आक्रोश जताया है और अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन इसे अनुशासन बनाए रखने की जरूरी कार्रवाई बता रहा है।
प्रशासन का पक्ष: साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर की गई कार्रवाई
विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति की जांच में बसंत कनौजिया को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। समिति का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर कार्रवाई की गई है, जो कैंपस में शांति और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक थी। प्रशासन ने बढ़ते तनाव को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हालांकि, विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

छात्रों और बसंत कनौजिया का पक्ष: सभी आरोपों को किया खारिज
बसंत कनौजिया ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे “मनगढ़ंत और बदले की कार्रवाई” बताया है। उनका दावा है कि वे घटनास्थल पर महज मौजूद थे और किसी तोड़फोड़ या उपद्रव में शामिल नहीं थे। वे वर्षों से छात्र अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं, जिस वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। छात्र संगठनों ने जांच रिपोर्ट को “पूर्वनिर्धारित और कुलपति के दबाव में तैयार” बताया है। उनका कहना है कि बाबासाहेब अंबेडकर के नाम वाले इस विश्वविद्यालय में एक दलित शोधार्थी के साथ ऐसा व्यवहार सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।
छात्रों, सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने संयुक्त मोर्चा बनाते हुए निष्कासन वापस लेने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आने वाले दिनों में धरना, मार्च और जनहस्ताक्षर अभियान चलाने की योजना है। छात्र नेताओं का कहना है कि यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कैंपस लोकतंत्र की लड़ाई बन गया है।
फ़िलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने स्टैंड पर कायम हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है, जबकि आंदोलनकारी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखने की बात कह रहे हैं। मामले की स्वतंत्र जांच की मांग उठ रही है, लेकिन अभी तक कोई बीच का रास्ता नहीं निकला है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके मित्तल या प्रशासन की ओर से इस विवाद पर सार्वजनिक रूप से कोई नया बयान नहीं आया है।
बीबीएयू में बसंत कनौजिया मामला: निष्कासित छात्र पर कथित हमले के आरोप, प्रशासन ने कहा- कोई शिकायत नहीं मिली
लखनऊ, 19 नवंबर 2025। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में पीएचडी शोधार्थी बसंत कुमार कनौजिया के निष्कासन के बाद अब उन पर कैंपस गेट के बाहर कथित हमले का नया विवाद खड़ा हो गया है।

छात्र संगठनों ने सुरक्षा सुपरवाइजर भारत सिंह पर बसंत को कोहनी मारने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस तरह की किसी घटना की पुष्टि नहीं की और कहा कि उन्हें कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। इस मामले ने पहले से चल रहे निष्कासन विवाद को और भड़का दिया है, जहां छात्र लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।






