फीस वृद्धि गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित करने का प्रयास है : AUDSU
लखनऊ, 28 मई 2025: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (BBAU) में CUET-UG और PG के माध्यम से प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस में 150% की भारी वृद्धि ने छात्रों में आक्रोश पैदा कर दिया है। पिछले वर्ष 200 रुपये के आसपास थी फीस, जो इस बार बेतहाशा बढ़ोतरी के साथ छात्रों पर आर्थिक बोझ बन गई है।
इसके खिलाफ अंबेडकर यूनिवर्सिटी डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (AUDSU) ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर बाबा साहब के सामाजिक न्याय और समता के सिद्धांतों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। AUDSU के प्रतिनिधियों ने कहा, “BBAU जैसे संस्थान, जो वंचित वर्गों के उत्थान के लिए बने हैं, वहां फीस वृद्धि गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित करने का प्रयास है।”
छात्रों की प्रमुख मांगें:
- पुरानी फीस संरचना को तत्काल बहाल किया जाए।
- सभी वर्गों के लिए सुलभ और समान प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्चित हो।
- फीस वृद्धि पर पुनर्विचार कर छात्रों को राहत दी जाए।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। BBAU, जो बाबा साहब के नाम पर स्थापित है, क्या वाकई उनके विचारों को साकार कर रहा है? यह सवाल अब छात्रों और शिक्षाविदों के बीच गंभीर चर्चा का विषय बन गया है।







