Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, August 12
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»राजनीति

    स्मृति भी कभी बड़ी नेता थी…अब फिर टीवी सीरियल की ओर

    ShagunBy ShagunJuly 11, 2025Updated:July 11, 2025 राजनीति No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    file photo
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 2,051

    2024 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद भाजपा ने भुलाया

    ओम माथुर

    कहते हैं समय बड़ा बलवान होता है। उसके बदलते ही आदमी राजा से रंक या रंक से राजा बन जाता हैं। इसलिए आप किसी भी क्षेत्र में रहें,कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए। राजनीति में तो समय बलवान होने के साथ निर्दयी भी होता है। जो जब बलवान होता है तो किसी भी नेता को फर्श से अर्श पर पहुंचा देता है। लेकिन निर्दयी हो गया,तो अर्श से फर्श पर धडा़म लाता है। कभी भाजपा की प्रभावी नेता रही स्मृति ईरानी भी अब ऐसे नेताओं में शामिल हो गई है। उन्हें भी वक्त ने सबक सिखा दिया है। इसीलिए राजनीति के अर्श पर पहुंच कर अब वह वापस टीवी सीरियल की दुनिया के फर्श पर आ गई है।

    स्मृति ईरानी को 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद भाजपा ने भी अपनी स्मृति से निकाल बाहर कर दिया। उनका जिस तेजी के साथ भाजपा की राजनीति में उत्थान हुआ था, उससे भी तेजी से वह राजनीति के गर्त में चली गई। 2003 में भाजपा में प्रवेश के बाद से उनका सितारा हमेशा बुलंदी पर रहा और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष कृपा से पार्टी में आगे बढ़ने के खूब अवसर मिले। और तो और वह मोदी के गृह राज्य गुजरात से वर्ष 2011 से 2019 तक का राज्यसभा सदस्य रही। जब उन्हें पहली बार राज्यसभा भेजा गया,तब मोदी ही गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

    उनका सितारा इतना बुलंद था कि 2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। उन्हें सूचना प्रसारण और मानव संसाधन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय मिले। इससे पहले उन्हें भाजपा महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। वह भाजपा में भी कई पदों पर रही। उनका भाजपा की राजनीति में दबदबा तब और बढ़ गया,जब 2019 में उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी में लोकसभा चुनाव में हरा दिया। उस अमेठी में,जो कांग्रेस का गढ़ रहा और जहां से संजय गांधी, राजीव गांधी,सोनिया गांधी और खुद राहुल गांधी सांसद रहे । 2019 में अमेठी में राहुल को हराने के बाद उनके राजनीतिक भाव और बढ़ गए। भाजपा ने भी इसके बाद स्मृति ईरानी को गांधी परिवार के पीछे लगा दिया। संसद में सोनिया गांधी से इस्तीफा मांगते हुए तीखे तेवर वाला भाषण और राहुल गांधी के हर बयान पर उनके तीखे जवाब लोगों ने देखे और सुने हैं। इनमें उनका लहजा उन्हें अपमानित करने वाला रहता था।

    फिर आया 2024 का लोकसभा चुनाव। भाजपा ने अमेठी से फिर उन्हें मैदान में उतारा इधर,अतिआत्मविश्वास से लबरेज स्मृति थी। उधर,पहले हार चुके राहुल। कांग्रेस राहुल को लेकर जोखिम नहीं लेना चाहती थी,इसलिए उन्हें वायनाड व रायबरेली भेज अमेठी से सोनिया और राहुल गांधी का काम देखने वाले साधारण कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को मैदान में उतार दिया। स्मृति का गुरूर सातवें आसमान पर था। चुनाव सभाओं में कहती थी,राहुल उनसे डरकर अमेठी से भाग गए। तो भाजपा को भी लगा कि कांग्रेस ने अमेठी म़े सरेंडर कर दिया है। लेकिन किशोरी लाल की एक जमीनी कार्यकर्ता की छवि, 5 साल में स्मृति में आए अहंकार और अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों की उपेक्षा को देखते हुए मतदाताओं ने स्मृति के गुरूर को तोड़ दिया। वो करीब पौने दो लाख वोटों से हारी। हार ने स्मृति और भाजपा दोनों को सन्न कर दिया।

    हालांकि इस हार के बाद भी माना जा रहा था कि स्मृति ईरानी को भाजपा में महत्ती जिम्मेदारी मिलेगी, क्योंकि वो मोदी की विश्वस्त मानी जाती थी। कभी उन्हें राज्यसभा में भेजने, कभी भाजपा अध्यक्ष बनाने की तो कभी दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा चलती रही। लेकिन ये सभी अफवाहें निकली। लोकसभा चुनाव के साल भर बाद भी स्मृति ईरानी इंतजार ही करती रही। शायद भाजपा के लिए स्मृति की हार को कंगना रनौत की जीत ने बराबर कर दिया। यह दूसरी बात है कि अब कंगना खुद सांसद बनकर परेशानी महसूस कर रही है। स्मृति शायद ये भूल गई कि मोदी-शाह की भाजपा का मिजाज अलग हैं, उनसे पहले भी कई काम के बड़े नेता ठिकाने लगाए गए थे।
    स्मृति ईरानी भी कितना इंतजार करती। आखिर वह भी दिल्ली से मुम्बई लौट आई।

    उस एकता कपूर के पास,जिन्होंने बीस साल पहले उन्हें तुलसी के रूप में घर-घर पहुंचाया था। स्टार प्लस पर सास भी कभी बहू थी में वो 29 जुलाई से अपने पुराने काम की नई शुरुआत करेगी। डेली सोप फिर शुरू करने का मतलब है कि स्मृति को अब राजनीति में कोई उम्मीद नहीं रह गई है। एकता कपूर खुद बड़ी खिलाड़ी है। वो सास भी कभी बहू थी कि युवा से अधेड़ हो गई बहू को वापस लेने से पहले इससे आश्वस्त हुई होगी। बेहतरीन फिल्म वक्त का एक डायलॉग है कि वक्त ही सब कुछ है। वक्त ही बनाता है। वक्त ही बिगाड़ता है। स्मृति को राजनीति में अर्श भी वक्त ने दिखाया और फर्श भी। उम्मीद करनी चाहिए कि टीवी सीरियल की दुनिया फिर उनके अच्छा वक्त लाए। ( लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं ) 

    Shagun

    Keep Reading

    CBI probe needed into Phoolan Devi's murder: Dr. Sanjay Nishad

    फूलन देवी हत्या की सीबीआई जांच होनी चाहिए: डॉ. संजय निषाद

    Foundation stone laid for a 5 MW solar park named after Kalpnath Rai in Mau; Minister says he will work as a party cadre for his son's election campaign.

    मऊ में कल्पनाथ राय के नाम पर 5 मेगावाट सोलर पार्क का शिलान्यास, मंत्री बोले- उनके बेटे के चुनाव में कार्यकर्ता बनकर काम करूंगा

    Sunny Deol and Preity Zinta met CM Yogi.

    सनी देओल और प्रीति जिंटा ने सीएम योगी से की मुलाकात

    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    Carrying forward the fight for farmers' interests is the true tribute to Satya Pal Malik: Sunil Singh

    किसान हितों की लड़ाई को आगे बढ़ाना ही सत्यपाल मलिक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि: सुनील सिंह

    Tribute to MLA Umashankar Singh

    विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    UP's stellar performance on GeM: Three national awards alongside ₹1 lakh crore in procurement.

    जेम पर यूपी का शानदार प्रदर्शन, ₹1 लाख करोड़ खरीद के साथ तीन राष्ट्रीय पुरस्कार

    August 11, 2026
    Rajasthani Film ‘Omlo’ Makes Waves on OTT, Reaches 120+ Countries and Claims No. 1 Spot

    राजस्थानी फिल्म ‘ओमलो’ का ओटीटी पर जलवा, 120 देशों तक पहुंची कहानी

    August 11, 2026
    The Mystery of Lord Shiva's Rudra Form: When Peace Becomes a Support for Unrighteousness

    भगवान शिव के रूद्र रूप का रहस्य: जब शांति अधर्म का सहारा बने

    August 11, 2026
    A courtroom battle of truth, power, and conspiracy—‘Article 25’ is ready.

    सच, सत्ता और साजिश की कोर्टरूम जंग -‘आर्टिकल 25’ तैयार

    August 10, 2026

    स्पाइडर-मैन की आंधी में भी कायम रहा ‘दिल दीवाना हो गया’ का जादू

    August 10, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading