तकनीकी छात्रों की अनदेखी कर रही बिहार सरकार

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पटना, 04 अक्टूबर 2020 : बिहार राज्य के इंजीनियरिंग छात्रों की लगातार बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ आज तकनीकी छात्र संगठन बिहार प्रदेश के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तकनीकी छात्रों ने सरकार पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया. इस दौरान तकनीकी छात्र संगठन की बिहार प्रदेश अध्यक्ष ई सुष्मिता कुमारी ने कहा कि बिहार राज्य से प्रत्येक वर्ष 50 हजार से अधिक छात्र बी. टेक ,एम. टेक, मेडिकल की डोरी प्राप्त करते हैं. लेकिन इनके लिए बिहार में रोजगार 0% है.

ई सुष्मिता कुमारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तकनीकी छात्र संगठन की प्रमुख मांगों को भी रखा, जिसमें राज्य के सभी विभागो में सभी ब्रांच के सभी रिक्त सहायक अभियंता के पदो का विज्ञापन जल्द प्रकाशित कर स्थायी बहाली, प्रति वर्ष अभियंता की बहाली, राजस्व विभाग के सभी पदो पर बी टेक डीग्री घारको को शामिल करने, बदोबस्त पदाधिकारी के बहाली में 2 वर्षों के अनुभव की समाप्ति, बिहार के सभी विभागो में कनीय अभियंता के पदो पर बी टेक डीग्री धारको को शामिल करने और बिहार के सभी विभाग में सहायक अभियंता की बहाली में GATE की अनिवार्यता खत्म करने की मांग प्रमुख है.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा बिहार राज्य के सभी बहाली में बिहार के मूल निवासी को दूसरे राज्यो की तरह 90% आरक्षण का प्रावधान, शिक्षक बहाली के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक में विज्ञान विषय के लिए बी. टेक को मौका, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) के नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) के द्वारा बिहार सरकार के विभिन्न सरकारी विभागो और उपक्रमो से प्रशिक्षित, युवाओ की बहाली, राज्य के सभी अभियंत्रण महाविद्यालय में स्थायी शिक्षक एवं प्राचार्य नियुक्ति, राज्य के सभी अभियंत्रण महाविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैब,पाठ्यक्रम के अनुरूप पुस्तकालय में पुस्तक तथा E-लाइब्रेरी और सभी छात्र-छात्राओ के लिए छात्रावास की व्यवस्था की जाय।

ई सुष्मिता कुमारी ने फार्मेसी और फार्मासिस्टों की समस्या की समस्या को भी उठाया और कहा कि बिहार के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में फार्मासिस्टों की 2049 पद है, जिसमें से 1766 खाली है. आगे कहा कि आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव करवाई जाय। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय पटना,मे रिवाल्यूशन रूल (पुनः मूल्यांकन ) 2014 के पूर्व की भाति पुनः शुरू की जाय। नई शिक्षा नीति मध्यनजर राज्य के सभी बी. टेक छात्रों को टैब या लैपटॉप मुहैया कराया जाय और छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि किया जाय।

ई. सुस्मिता कुमारी ने कहा की आज बेरोजगार युवा दर दर भटकने को मजबूर है एक ओर सरकार युक को देश का कर्णधार बताती है और दूसरी ओर उन्हे दर दर भटकने को छोड़ दिया है उच्च शिक्षा लेकर अपने राज्य से बाहर जाकर मजदूरी करना पड़ रहा इससे दुर्भाग्य की बात और क्या होगी बिहार सरकार के लिए अगर हमारी मंगो पर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन को मजबूर होगी.

वही प्रदेश सचिव आर्जेश श्रीवास्तव ने मेडिकल के छात्रों पर भी अपने बातो को रखते हुये कहा की बिहार में लगभग 17000 लोगो पर एक डॉक्टर है जो काफी कम है,मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति, संसाधनों की कमी मेडिकल कॉलेजो मे फरमासिस्टों की 2049 पदो मे 1766 खाली है जबकि युवा डौग्री लेकर भटकने को मजबूर है बिहार मे रिक्तिया 1999 में आई थी जिसमे बहाली 2004 में हुआ था 2006 मे जो बहाली आई 2020 मे मात्रा 25 सीटो पर बहाली हुई, स्त्रोजगर मे भी सरकार मदद नहीं करती है अगर सरकार हमलोगो की मांगो पर ठोस निर्णय नही लेती तो मजबूरन सभी छात्र संगठन के बैनर तले राज्य व्यापी आंदोलन को मजबूर होगी.

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