दिलीप अग्निहोत्री
शीतयुद्ध के समय से ही पाकिस्तान पर अमेरिकी मेहरबानी रही है। शीतयुद्ध समाप्त हुआ तो आतंक की समस्या सामने आ गई, आतंकी संगठनों के विरुद्ध कार्यवाई के नाम पर भी पाकिस्तान को बड़ी मात्रा में अमेरिका की सामरिक व आर्थिक सहायता मिलती रही थी।डोनाल्ड ट्रम्प से पहले किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह देखने की जहमत नहीं उठाई की अमेरिकी सहायता का पाकिस्तान क्या कर रहा है, जबकि आतंकी संघठनों को पाकिस्तान में खुली पनाह मिली हुई थी। ओसामा लादेन तो पाकिस्तान की सैन्य छावनी के निकट ही रहता था। डोनाल्ड ट्रम्प ने कई बार पाकिस्तान को आतंकियों के खिलाफ कारगर कदम उठाने की चेतावनी दी।
पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता को कम किया गया। पुलमावा के आतंकी हमले के लिए अमेरिका ने पाकिस्तान को दोषी माना, उसने ब्रिटेन व फ्रांस के साथ मिल कर आतंकी संगठन व उसके सरगना पर प्रतिबंध लगाने, उसको मिलने वाली आर्थिक सहायता रोकने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद में पेश किया था। इतना ही नहीं पुलमावा हमले के बाद भारत की एयर स्ट्राइक में पाकिस्तान का एफ सोलह विमान मार गिराया गया था, तब अमेरिका ने इस विमान के गलत अवसर पर प्रयोग के लिए पाकिस्तान को लताड़ लगाई थी। यहां तक गनीमत थी, लेकिन जब अमेरिका को लगा कि इससे उसका एफ सोलह विमान का बाजार भी गिर रहा है, तब उसके विचार बदले। पाकिस्तान की सरकार तो इसके लिए तैयार बैठी थी। उंसकी अपने मुल्क में फजीहत हो रही थी।
भारत ने उसी के घर में घुसकर अमेरिका के बने एफ सोलह विमान को मार गिराया था। पाकिस्तान ने उस इलाके की घेराबंदी कर दी थी, जहाँ एफ सोलह विमान मार गिराया गया था। इस पूरे इलाके में सख्त पहरा था, किसी को वहां जाने की अनुमति नहीं थी। लेकिन इतने मात्र से अमेरिका का समाधान नहीं हुआ। शुरू में उसने भी माना था कि पाकिस्तान में जो विमान भारत ने मार गिराया, वह एफ सोलह ही था। लेकिन अमेरिका स्थित एफ सोलह के प्रबंधकों ने कम्पनी की प्रतिष्ठा को बचाने की गुहार लगाई। इसके लिए पाकिस्तान और कुछ विदेशी मीडिया का सहयोग लिया गया। पाकिस्तान में एफ सोलह विमानों की कोई गिनती नहीं कि गई, फिर भी ऐलान हो गया कि सभी विमान सुरक्षित है।
बीबीसी जैसे मीडिया भी यही दोहराने लगे। भारत के कई विपक्षी नेता भी उन्हीं की तर्ज पर सवाल कर रहे थे, इनको भारतीय वायु सेना पर नही, विदेशी मीडिया पर विश्वास है। एयर वाइस मार्शल आरजी कपूर ने दावा किया है कि भारत ने एयर स्ट्राइक के दौरान पाकिस्तान को एफ सोलह विमान मार गिराया था। उन्होंने मीडिया के सामने अवाक्स अर्थात एयरबॉर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम द्वारा कैद की गई तस्वीरों को सुबूत के तौर पर पेश किया, और बताया कि हमारे पास इस बात के पुख्ता सुबूत हैं कि पाकिस्तानी वायुसेना ने सत्ताईस फरवरी को तीन एफ सोलह का इस्तेमाल किया था इसके भी सबूत हैं कि हमारे मिग इक्कीस बायसन विमान ने पाक के एक विमान को मार गिराया था।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान का एफ सोलह पाक अधिकृत कश्मीर के सब्जकोट क्षेत्र में गिरा था। हमारा मिग इक्कीस दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसके पायलट सुरक्षित निकल गए थे लेकिन उनका पैराशूट इसी इलाके में गिरा था। यह पूरी तरह प्रमाणित है कि भारतीय हमले में पाकिस्तान के दो विमान मार गिराए गए थे। इनमें से एक मिग का बायसन था जबकि दूसरा एफ सोलह था। इनकी पहचान इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर और रेडियो ट्रांसक्रिप्ट से प्रमाणित थी।
पाकिस्तान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद कहा था कि उसके कब्जे में दो पायलट हैं। इसमें से एक उनकी हिरासत में जबकि दूसरा अस्पताल में भर्ती है। इसकी पुष्टि खुद वहां के प्रधानमंत्री ने भी अपने बयान में की थी। इन सबसे साबित होता है उस दिन पाक अधिकृत कश्मीर में दो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए था। पुलमावा हमले के बाद भारत ने बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इसमें बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए थे। इसके अगले दिन पाकिस्तान ने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी लेकिन इसे नाकाम कर दिया गया था। अमेरिका की समस्या यह नहीं है कि पाकिस्तान ने उससे जो विमान खरीदा था, उसे भारत ने मार गिराया। अमेरिका की परेशानी यह है कि इस प्रमाणिक खबर से उसका एफ सोलह विमान का बाजार भी गिरा गया है। अमेरिकी पत्रिका ने अपने देश की यह परेशानी समझी। उसने बिना पुष्टि के लिए लिखा कि विमान विमान को नुकसान नहीं हुआ है। गौरतलब है कि यह खबर अमेरिकी पत्रिका फॉरेन पॉलिसी ने चलाई थी। बाद में कुछ अन्य विदेशी पत्र पत्रिका ने इसे हवा दी थी।
जाहिर है कि एफ सोलह की यह पटकथा अमेरिकी बाजार के अनुरूप चल रही है। आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका ने भारत को समर्थन दिया, लेकिन जब अपने विमान बाजार की बात आई तो उसने अलग रणनीति बनाई। लेकिन असलियत को छिपाना अब अमेरिका के लिए मुश्किल हो रहा है। राडार सहित अन्य आधुनिक व्यवस्था से यह साबित है कि पाक अधिकृत कश्मीर में एफ सोलह विमान ही गिरा था। भारतीय वायु सेना ने भी सबूतों के साथ विमान एफ सोलह विमान गिरने का दावा किया है। इस दावे पर अविश्वास का कोई कारण नहीं है।







