शीशे के घर से विपक्ष के हवाई हमले

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री
विपक्ष के सरकार पर जोरदार हमले जारी है। लेकिन यह ध्यान देना चाहिए कि मतदाता तुलनात्मक रूप में भी विचार कर सकता है। इस समय प्रायः सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां ऐसी है जिन्हें सत्ता में रहने का अवसर मिला है। राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस की कमान जब से सोनिया और राहुल के पास रही , वह भी दस वर्ष सता चला चुकी है। सपा और बसपा को उत्तर प्रदेश में अलग अलग पूर्ण बहुमत से सरकार चलाने का मौका मिला। ऐसे में मतदाताओं के लिए सुविधा रहेगी। वर्तमान सरकार पर ये पार्टियां जो आरोप लगा रही है, उस पर उनका रिकार्ड भी देखा जाएगा। राहुल गांधी कहते है कि नोटबन्दी का पैसा पन्द्रह उद्योगपतियों की जेब में डाल दिया गया। राहुल के पास इसका कोई प्रमाण नहीं है। लेकिन सरकार के पास इसका रिकार्ड है कि कांग्रेस की सरकार ने कितना धन केवल फोन से उद्योगपतियों की जेब में डाल दिया।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का दावा है कि यूपीए सरकार के समय दो हजार आठ में बैंकों ने अठारह लाख सोलह हजार करोड़ रुपये की कुल राश‍ि कर्ज पर दी थी। दो हजार तक यह बढ़कर बावन हजार पन्द्रह लाख करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान जीडीपी में बढ़ोतरी नहीं हुई। यह मनमाने ढंग से कर्ज बांटने का परिणाम था। कई एनपीए अकाउंट को यूपीए शाासनकाल में छुपाकर रखा गया था। मोदी सरकार ने दो हजार पन्द्रह में एसेट क्वॉलिटी रिव्यू किया था। कॉरपोरेट कर्ज वापस करने के लिए मजबूर किया। एनपीए के लिए कांग्रेस को कसूरवार थी।  जांच एजेंसी कई मामलों की जांच कर रही है। इसके अलावा गरीबों के लिए चलाई गई योजनाओं के मामले में यूपीए के मुकाबले मोदी सरकार का पडला बहुत भारी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए है। मोदी ने दो हजार बाइस  तक सबको घर देने का वादा किया है। सरकार लोगों को सस्ते घर बनवाकर भी दे रही है, घर खरीदने में सहायता भी दे रही है। लाखों की संख्या में गरीब  इससे लाभान्वित हुए है। मोदी सरकार की  सुकन्या समृद्धि योजना गरीब परिवार की बेटियों के लिए है। इसमें  सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट की व्यवस्था की गई है। उन्हें पूरी शिक्षा और अठारह वर्ष की होने पर शादी के खर्च की व्यवस्था सुनिश्चित होती है। ये योजना बालिकाओं और उनके माता पिता को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए लागू की गई है, जिसमें छोटे निवेश पर ज्यादा ब्याज दर का इंतजाम है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत गरीबों के लिए करोड़ो की संख्या में शौचालय बनाये गए।  गरीब परिवार की महिलाओं को केंद्र सरकार की ओर से निशुल्क एलपीजी कनेक्शन दिए जाने की व्यवस्था है। उज्ज्वला योजना  के तहत आठ करोड़ गरीब परिवारों के एलपीजी कनेक्शन दिए गए।
जिससे महिलाओं माताएं की सेहत की सुरक्षा हो सके। अब तक इस स्कीम के तहत पांच  करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन बांटे जा चुके हैं। मोदी सरकार की अकेली इस योजना ने गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने वाली महिलाओं की अब जीवन के प्रति नजरिया ही बदल कर रखा दिया है। आने वाले कुछ सालों में भारत विकासशील देश के ठप्पे को मिटाकर विकसित देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो जाएगा।  भारत न्यू इंडिया में परिवर्तित हो रहा है। स्टार्टअप अब लोगों को आत्मनिर्भर बना रहा है।
सरकार ने दस तरह के स्टार्ट अप को टैक्स से छूट दी है।प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना छोटे और मझोले कारोबारियों का आर्थिक मदद देकर उनके व्यापार में सहयोग करने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत पचास हजार रुपये से लेकर दस लाख रुपये तक का बैंकों से उधार देने की व्यवस्था है। इस योजना ने छोटे कारोबारियों की दुनिया रोशन कर दी है। इस योजना के तहत अबतक सिर्फ इस साल करीब दस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि लोगों को जारी भी हो चुकी है। करीब चार लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया जा चुका है। आठ करोड़ से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा चुके है।
प्रधानमंत्री जनधन योजना आजादी के बाद से अबतक देश में गरीबों को बैंकों से दूर रखा गया था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस अन्याय को मिटाने का काम किया है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उन्होंने गरीबों को बैंकों में मुफ्त में खाता खोलने का मौका दिया है। इस स्कीम के तहत अबतक करीब तीस  करोड़ नए खाताधारक बैंकिंग सिस्टम में जुड़े हैं, जिन्होंने इससे पहले बैंक का मुंह नहीं देखा था। ये योजना जहां एक तरफ गरीबों को सशक्त करने का काम कर रहा है, वहीं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के चलते भ्रष्टाचार के एक बहुत बड़े रास्ते को सरकार ने हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दिया है। इन खातों में आज के दिन लगभग पैसठ हजार करोड़ रुपये जमा हैं। करीब एक लाख करोड़ रुपये के गबन छिद्र बन्द किये गए।
दो हजार बाइस तक देश के किसानों की आय दो गुना करने के कारगर प्रयास किये जा रहे है। सरकार ने  नई फसल बीमा योजना लागू की। बीमा लेने वाले किसानों की संख्या आठ गुना बढ़ चुकी है। वन रैंक वन पेंशन योजना को कांग्रेस सरकार दबाए रही। मोदी सरकार ने इसका समाधान किया। कांग्रेस इस पर नुक्ताचीनी कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने दो हजार चौदह में चुनाव से पहले वन रैंक वन पेंशन पर झूठ बोला था। उसने इसके लिए दिखावे के लिए केवल पांच सौ करोड़ रुपये का बजट  दिया था। इतनी कम धनराशि में योजना पर किसी प्रकार की पहल संभव ही नहीं थी।
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद इस पर ध्यान दिया। पता लगा कि इन्होंने कुछ नहीं किया, मोदी सरकार ने देखा कि  बजट बारह हजार करोड़ रुपये तक होगा। जवानों की चालीस वर्ष पुरानी मांग को नरेंद्र मोदी ने पूरा किया। कांग्रेस ने दो हजार चौदह में जवान को लेकर झूठ बोला था और आज किसान को लेकर झूठ बोल रही है। दो हजार आठ में भी कांग्रेस ने ऐसा ही किया, छह लाख करोड़ रुपये का किसान कर्ज कहकर सिर्फ साठ हजार करोड़ माफ किया और बावन हजार करोड़ रुपये दिया। इनमें से पैंतीस लाख ऐसे किसानों के पास पैसा गया जिनका खेत ही नहीं था। पंजाब में किसानों को लेकर कर्जमाफी का वादा किया लेकिन अभी तक नहीं किया, कर्नाटक में सिर्फ आठ सौ किसानों का टोकन पकड़ा दिया गया। नियंत्रक महालेखा परीक्षक रिपोर्ट के अनुसार यूपीए की कर्जमाफी का लाभ उन लाखों लोगों ने उठाया जो किसान ही नहीं थे। नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक प्रगति का रिकार्ड भी कांग्रेस के मुकाबले बहुत बेहतर है।
विश्व आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार भारत पैसठवें स्थान से चालीसवें स्थान पर पहुंच गया है। विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में पहले के मुकाबले पैंतालीस प्रतिशत और पर्यटन से होने वाली आय में पचास प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सत्ता में रह चुकी विपक्षी पार्टियों का अतीत उत्साहजनक नहीं है। नरेंद्र मोदी ने सत्ता के गलियारों से बिचौलियों को हटाया है, तीन चार दशक से लंबित अनेक कार्य पूर्ण किये, अनेक योजनाओं पर तेजी से अमल हुआ, जिसके चलते रिकार्ड बने। इतने कार्य करने में कांग्रेस को सत्तर से ज्यादा वर्ष लग जाते।

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