फिनलैंड देश के रोचक तथ्य जानकार हैरान हो जायेंगे?

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जी के चक्रवर्ती

दुनिया के सबसे विकसित एवं खुशहाल देशों में गिनती होने वाले देश फिनलैंड जो बाल्टिक देशों में से एक है। इसको एक समय लैंड ऑफ सॉरो भी कहा जाता था, लेकिन पिछले छह दशकों के दौरान हुए बदलावों के कारण इस देश की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है कई शताब्दियों तक फिनलैंड राजशाही के शासन में रहा लेकिन 19वीं सदी में रूस ने उस पर कब्जा कर लिया फिर वर्ष 1900 के प्रारम्भिक दौर में फिनलैंड के लोगों ने आजादी प्राप्त कर जरूर लिया लेकिन यहां देश कभी स्वीडन का एक हिस्सा होने से यहां स्वीडिश संस्कृति की पूरी छाप पड़ी। यहां की दो आधिकारिक भाषाओं में से एक स्वीडिश है और दूसरी फिनिश बोली जाती है।

संयुक्त राष्ट्र के हैप्पी इंडैक्स में फिनलैंड का स्थान पहले नम्बर पर है कियूंकि यहां बहुत सी ऐसी भी बातें हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां के लोग पूरी दुनिया में सबसे अधिक खुशहाल लोगों में से हैं। आखिरकार खुशहाल होने की कुछ तो कारण अवश्य है जिन कारणों मे से प्रथम तो यहां के नागरिक को आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होने की बात है यहां के नागरिकों को भत्तों के साथ कई अन्य ऐसे अधिकार एवं सुविधाएं प्राप्त हैं जिससे उन्हें कभी यह सोचने की जरूरत नही पड़ती है कि उनकी नौकरी चली गई तो वे क्या करेंगे? या कैसे अपना जीवन यापन करेंगे? या फिर जब वे बूढ़े हो जाएंगे और उनके पास कुछ भी धन-संपत्ति नहीं होगी तो वे क्या करेंगे? और ऐसे में यदि उनके साथ कोई दुर्घटना हो जाती है या तबीयत खराब हो जाए तो इलाज कैसे कर पाएंगे आदि ऐसे अनेकों जिम्मेदारियों को वे कैसे पूरा कर पाएंगे? लेकिन इस स्थिति में वहां के लोगों की इस तरह की सभी जिम्मेदारियो का जिम्मा वहां के सरकार की होती है, जबकि वहां के लोगों की आमदनी बहुत अधिक है।

यह देश पूरी दुनिया मे सबसे स्थिर एवं सुरक्षित देश है। वर्ष 2015 में यहां हत्या दर एक लाख की आबादी पर मात्र 1।28 प्रतिशत थी। यहां की कुल आबादी लगभग 55 लाख है। वर्ष 2015 में यहां केवल 50 हत्यायें ही हुयी। इसके साथ ही यहां पर संगठित अपराध तो न के बराबर है और यहां की पुलिस बहुत भरोसेमंद एवं सक्षम है। यहां की पुलिस और इंटरनेट सुरक्षा को दुनिया में दूसरे नंबर पर माना जाता है। यहाँ कानून का पालन सख्ती से होता है, लेकिन यहां यह बात ध्यान देने योग्य है कि यहां के नागरिक राजनीतिक, कानून और पुलिस व्यवस्था के भरोसा रखने वालों नागरिकों में पूरी दुनिया मे नंबर एक की पायदान पर खड़े हैं।

यहां के भू क्षेत्र पर प्रति वर्ग किलोमीटर में लगभग 18 व्यक्तियों के रहने का स्थान हैं जो यूरोपियन यूनियन में सबसे कमतर हैं। यहां पर ठंड भी अत्याधिक रहती है। इसके बावजूद भी यहां का मौसम सुहाना और मनमो‍हक होता है। यहां पर ग्रीष्म ऋतु में रात बारह बजे के पश्चात हल्का सा अंधेरा होता है, इसके प‍हले रात दस बजे के आस-पास तो ऐसा लगता है कि जैसे अभी-अभी ही शाम हुई है जबकि ठंड के समय दिन में अधिकांशतः अंधेरा रहता है, दोपहर के समय कुछ वक्त के लिए सूर्य देव के दर्शन होते है।

यह देश पूरी दुनिया का एक एकलौता ऐसा देश है जहां का प्रशासन दुनिया में सबसे बेहतर माना जाता है। यहां भ्रष्टाचार एवं भृष्टाचारियों की संख्या बहुत ही कम होने से यहां का समाज सबसे अधिक प्रगतिशील है। यूएन की एक रिपोर्ट के अनुसार उनके मानकों पर इस देश को दुनिया का सबसे खुशहाल देशों में बताया गया है।

इस देश की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत होने के कारण फिनलैंड के बैंक दुूनिया के सबसे शक्तिशाली बैंक माने जाते हैं। हालांकि यहां की जीडीपी दर बहुत कम है। यह देश सम्पूर्ण दुनिया का एक अकेला ऐसा देश है, जहां पर कोई भी आदमी बेघर नहीं है।

जब हैप्पी इंडैक्स की बात होती है तो उसमें दर्ज यहां के अप्रवासि लोग भी बहुत खुशहाल है जिन्हें मानक मान कर देखा जाये तो उसमें भी फिनलैंड सबसे ऊपरी पायदान पर नजर आता है। वर्ष 2015 के बाद से यहां कई अन्य देशों के शरणार्थी आये हैं लेकिन सभी लोग यहां पर खुश और आबाद हैं। 55 लाख आबादी वाले इस देश में दूसरे देश से आये शरणार्थियों की संख्या तकरीबन तीन लाख के आसपास है। शरणार्थियों को यहां पर बहुत ही कम दरों पर किराये का मकान उपलब्ध कराया जाता है।

जब हम व्यक्तियों के आजाद और अभिव्यक्ति की आजादी की बात होती है तो यहां के लोग सबसे मुक्त एवं स्वत्रंत माहौल में रहते हैं और यहां पर होने वाले चुनाव भी बहुत साफसुथरे एवं पारदर्शी ढंग से होते हैं। यहां के लोगों को सबसे अधिक व्यक्तिगत एवं अभिव्यक्ति की आजादी प्राप्त है। यहां के प्रेस भी पूरी तरह से आजाद है और यहां पर पूरी तरह से मानव अधिकारों की रक्षा की जाती है।

फोटो: गूगल से साभार

इस देश मे अनुसंधान कार्यों एवं व्यक्तियों के ट्रेनिंग पर सबसे अधिक खर्च किये जाने के कारण
फिनलैंड विश्‍व का सबसे ज्‍यादा योग्‍य प्रतिभाओं को तैयार करने वाला देश बन चुका है जिसके कारण इसकी समृद्धि शिखर पर पहुंच कर इसे दुनिया मे तीसरे स्‍थान पर ले आयी हैं।

यहां के लोग अपने जीवन से पूर्णतः संतुष्ट हैं। उन्हें अपने रहने की जगहों से किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं है, हालांकि यहां पर लोगों के रहने के लिए बहुत विरल स्थान होने से जीवन आरामदायक बन जाता हैं। लिंग बराबरी के मामले में भी यह देश विश्व के शीर्ष पांच देशों में शामिल है। फिनलैंड में सबसे ज्यादा महिला सांसदों के होने की वजह से यह इस मामले में भी दुनिया के शीर्ष तीसरे देशों में से एक है।

सम्पूर्ण दुनिया मे सबसे शुद्ध वायु के मामले में भी यह देश पूरी दुनिया में तीसरे नम्बर का देश है। “वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन” की रिपोर्ट के अनुसार इस बात की सच्चाई का पता चलता है कि यहां शुद्ध पेय जल के मामले में दुनिया में शिर्ष स्थान रखता है। पूरे फिनलैंड में कुल 1,87,888 झीलें हैं जिसके कारण इसे झीलों का देश भी कहा जाता हैं।

वही पर यदि हम यहां के शिक्षा व्यवस्था की बात करें तो यहां की शिक्षा की मिसालें पूरी दुनिया में दी जाती हैं। एक ग्लोबल कंपटीटीव रिपोर्ट 2016-17 के अनुसार यह देश पूरी दुनिया में सबसे बढ़िया है, जबकि यहाँ के उच्च शिक्षा का स्तर दुनिया में तीसरे नंबर का है। यहां पूरी दुनिया में सबसे अधिक साक्षरता वाले देशों में से एक है। पूरे यूरोप में दूसरे नंबर पर सबसे अधिक संख्या में लोग यहां के लाइब्रेरियों का प्रतिदिन इस्तेमाल करते हैं।
व्यापारिक दृष्टि कोण से भी यह देश पूरे यूरोप में तीसरे नंबर का सबसे बेहतरीन देशों में से है। यहां व्यापारिक उन्नति का माहौल होने से पूरे यूरोप में तीसरे नंबर पर सबसे अच्छा माना जाता है। एक संस्थान “ग्लोबल क्लीनटेक इनोवेशन” का अंकतालिका यह दर्शाती है कि सफाई करने की तकनीके इस्तेमाल करने में भी यह देश दुनिया का दूसरे नंबर का बेहतरीन देश है।

फिनलैंड देश वैसे तो कई मामलों में एक खास देश जरूर है लेकिन यहां की एक बात बहुत ही दिलचस्प है वह यह है कि वहां ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान लोगों की वेतन के अनुसार काटे जाते हैं।

फिनलैंड उन देशों में से है, जहां पर जन्मदर सबसे कम है लेकिन यहां पर लोग आत्महत्या बहुत करते हैं जिसके कारणों में यह पाया गया है कि यहां पर लोगों में अवसाद में जल्दी आ जाने के कारण इस ओर उन्मुख हो जाते हैं।

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