बुलंदशहर, 13 जनवरी। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर पुलिस का खौफनाक चेहरा सामने आया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक 16 वर्षीय गैंगरेप पीड़ित लड़की को पुलिस ने पांच दिनों तक अपनी कैद में रखा। इस दौरान पीड़िता के परिजन उसे रिहा करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी।
पीड़िता ने बताया कि बीते 28 दिसंबर को पड़ोसी गांव के कुछ युवक उसका अपहरण कर गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी ले गए, जहां पर पांच लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। परिजनों ने लड़की के गायब होने पर पुलिस से शिकायत की, लेकिन चार जनवरी तक उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई।

पीड़िता के भाई ने बताया 7 जनवरी को मेरी बहन को अपहर्ताओं से छुड़ा लिया गया, लेकिन इसके बाद पुलिस ने पांच दिनों तक उसे अपने कब्जे में रखा। गैंगरेप पीड़िता चीखती रही कि उसके साथ गैंगरेप किया गया है, लेकिन पुलिस टालमटोल करती रही और उसका मेडिकल परीक्षण नहीं होने दिया।
एएसपी प्रमोद कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा उसे बंधक नहीं बनाया गया था, बल्कि महिला पुलिस स्टेशन में रखा गया था। वहां मेडिकल परीक्षण से लेकर कोर्ट में उसके बयान तक की सभी प्रक्रिया पूरी की गई। उसको शुक्रवार को परिजनों को सौंप दिया गया।
केस के जांच अधिकारी बच्चू सिंह ने कहा कि नाबालिग लड़की अजय कुमार नामक युवक के साथ भाग गई थी और खोड़ा में उसकी पत्नी बनकर रह रही थी। पुलिस के पास इस बात के सबूत भी हैं। हालांकि पीड़िता ने इन आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा कि पुलिस जबर्दस्ती किसी अजय कुमार का नाम लेने को कह रही है, जिसे वह जानती तक नहीं।






