ज़नरूफ सस्टेनेबल देगा रिलाएबल और अफोर्डेबल एनर्जी

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भारत उन देशों में से एक है जिसने रिन्यूएबल एनर्जी का सबसे बड़ा प्रोडक्शन पूरा किया है। यह पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट के रूप में अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार, 2030 तक रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन क्षमता का 40 प्रतिशत स्थापित करने के अपने लक्ष्य पर तेजी से प्रगति कर रहा है. यह रिन्यूएबल एनर्जी को भारत के इलेक्ट्रिफिकेशन प्लान के प्रमुख पहलुओं में से एक बनाता है। इतना ही नहीं ऊर्जा के स्वच्छ, रिलाएबल और अफोर्डेबल सोर्स तक पहुंचने के लिए लोगों ने बहुत ही दिलचस्पी दिखाई है, जो शायद पिछले कुछ वर्षों में सोलर पैनलों के तेजी से फैलने का कारण भी है।

शहरी मार्केट्स पर अपनी पकड़ बनाने और मप्र, छत्तीसगढ़, यूपी, बिहार और राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के बाद, भारत की प्रमुख होम टेक कंपनी सरकार की सहायता के लिए अग्रेसिवली काम कर रही है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके और उन्हें सोलर प्रोडक्ट्स की अफ्फोर्डेबिलिटी और रिलायबिलिटी के बारे में जागरूक किया जा सके।

बता दें कि ज़नरूफ, ज़नसोलर के अंतर्गत कई सोलर प्रोडक्ट्स को सामने लाया है, जिसमें सोलर पैनल, बैटरी, चेज कंट्रोलर, इनवर्टर और बहुत कम दरों के कई किफायती सोलर कॉम्बो शामिल हैं। कंपनी का मुख्य उद्देश्य देश के उन क्षेत्रों में सोलर एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन पेश करके बिजली के एक विश्वसनीय स्रोत तक पहुंच प्रदान करना है, जहां बिजली की पहुंच नहीं है।

सोलर एनर्जी के उपयोग पर अपनी बात रखते हुए, ज़नरूफ के संस्थापक और सीईओ, श्री प्राणेश चौधरी ने कहा कि, “भारत में अभी भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ बिजली की सप्लाई ख़राब और अप्रत्याशित है। हमारा लक्ष्य देश के हर नुक्कड़ तक बिजली की प्रॉपर सप्लाई करना है।” सोलर समाधानों की अफ्फोर्डेबिलिटी को व्यक्त करते हुए वे आगे कहते हैं कि, “सोलर पर स्विच करना एक बार के इन्वेस्टमेंट की तरह है और इसलिए यह बहुत ही कॉस्ट-इफेक्टिव है। कारों या बाइक की तरह आपको कुछ दिनों के अंतराल में सोलर सिस्टम में इन्वेस्ट नहीं करना होगा। इसके साथ ही, आपकी छतों पर पैनल स्थापित करने से बैटरी में दिन के दौरान जो सोलर एनर्जी का स्टोर होता है आप उसे पूरे दिन तक इस्तेमाल कर सकते है। ”

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