कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल की मौजूदगी में स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक से नशा-मुक्ति तक, स्वच्छता से खेलकूद तक सब कुछ किया, अब समस्याओं का समाधान होगा!
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के एनएसएस विशेष शिविर सत्र 2025–26 का समापन पर्यावरण विज्ञान सभागार में धूमधाम से हुआ। कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने अध्यक्षता करते हुए स्वयंसेवकों के जज्बे की तारीफ की और कहा, “योजनाबद्ध सेवा से समाज में असली बदलाव आता है!”
एक हफ्ते में क्या-क्या कमाल हुआ?
- दिन 1: एनएसएस का मंत्र दिया, गांव सेवा का जोश भरा।
- दिन 2: औरंगाबाद गांव का सर्वे – स्वच्छता, सीवर, स्वास्थ्य-शिक्षा की खामियां सामने।
- दिन 3: नुक्कड़ नाटक से स्वच्छता-स्वास्थ्य का पैगाम + वृद्धाश्रम में सामग्री वितरण।
- दिन 4: सड़क सुरक्षा अभियान + यूनानी मेडिकल कॉलेज का रोचक भ्रमण।
- दिन 5: चकौली गांव में नशामुक्ति पर नुक्कड़ नाटक + स्कूली बच्चों को शैक्षिक सामग्री।
- अंतिम दिन: बच्चों के लिए खेलकूद महाकुंभ – लंगड़ी दौड़, ऊंची कूद, रेस – सबमें उत्साह चरम पर!
अब आगे का प्लान
शिविर में सामने आई हर समस्या पर एक ठोस कार्ययोजना तैयार! संबंधित विभागों और प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी ताकि ग्रामीणों का जीवन स्तर जल्द सुधरे।
समापन पर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। डॉ. अर्पित शैलेश, डॉ. पवन कुमार चौरसिया सहित सभी कार्यक्रम अधिकारियों ने युवाओं की मेहनत की सराहना की। करीब 200 स्वयंसेवक इस बदलाव का हिस्सा बने!
बता दें कि ये शिविर सिर्फ सेवा नहीं, बल्कि युवा शक्ति का असली प्रदर्शन था जो समाज को जोड़ता है, सपनों को हकीकत बनाता है!







