लखनऊ, 24 फरवरी। उन्नाव में खुलेआम एक अनुसूचित जाति की युवती को अपराधियों ने को जिन्दा जला कर मार डाला गया। इस घिनौने कृत्य की कठोर निन्दा करते हुए अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति तथा एसएफआई के आह्वान पर विभिन्न लोगों ने जीपीओ पर संयुक्त रूप से धरना दिया तथा सभा की।
सभा को सम्बोधित करते हुए एडवा की जिला सचिव सीमा राना ने कहा कि ‘‘पुलिस प्रषासन और सरकारी अमला इन्वेस्टमेंट समिट में व्यस्त है। यूपी की कानून व्यवस्था बद से बदत्तर हो रही है। योगी के एक साल के कार्यकाल में ध्वस्त कानून व्यवस्था के चलते जनता का जीना मुश्किल हो गया है। सरकार इन्वेस्टमेंट समिट को कराने में 98 करोड़ रूपये खर्च कर सकती है लेकिन महिला सुरक्षा के नाम पर सिर्फ 15 लाख ही खर्च हो रहे है।

सभा के अगले वक्ता के रूप में बोलते हुए एसएफआई के जिला अध्यक्ष अनुपम यादव ने कहा कि लगातार पूरे प्रदेश में महिलाओं के ऊपर अपराध में वृद्वि हो रही है और योगी सरकार आत्म मुग्ध होकर कार्पोरेट के हितों को पूरा करने में लगी है।
सभा की अध्यक्षता एडवा की जिला अध्यक्ष सुमन सिंह ने की। सभा में एडवा से नन्दिनी बोरकर, चन्द्रा, एसएफआई से प्रवीन पाण्डेय, आयुश, सद्दाम, कलम से रिशी, समाज सेविका शिल्पी चौधरी, घरेलू कामगार महिला संगठन से स्मिता पाण्डेय, एकता मसीह, सइस्ता आदि प्रमुख रूप से शमिल थे।








