Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, August 27
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»विदेश»Global NEWS

    जलवायु परिवर्तन रोकने में कमजोर पड़ रही हैं ई-कॉमर्स कंपनियां

    ShagunBy ShagunDecember 10, 2021 Global NEWS No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    commercial delivery vans with cardboard boxes. 3d rendering
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 637

    कोविड-19 महामारी के दौरान भारत में बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों ने महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज किया है। अपने उत्पाद और खाद्य सामग्री को उपभोक्ता तक सीधे पहुंचाने के लिए डिलिवरी वाहनो की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई, विशेषकर टियर -1 और टियर -2 शहरों में। हाल ही में जारी एक वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार ई कामर्स में इस वृद्धि के कारण ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, वायु प्रदूषण और सड़कों पर भीड़भाड़ में वृद्धि हुई है। ये निष्कर्ष हाल में ही संपन्न हुए इंटरनेशनल कान्फ्रेन्स ऑन क्लाइमेट चेन्ज (कॉप26) के संदर्भ में और महत्वपूर्ण हो जाते हैं जहां भारत ने 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने का वादा किया है।

    डच शोध संस्था, द सेंटर फॉर रिसर्च ऑन मल्टीनेशनल कॉरपोरेशन- स्टिचिंग ओन्डरज़ोएक मल्टीनेशनेल ओन्डर्नमिंगन (सोमो) की एक रिपोर्ट “पैकेट डिलिवरी से गरमाती धरती” को “स्टैण्ड अर्थ” और ‘असर’ ने कमीशन किया है।

    बता दें कि अर्बन मूवमेंट इनोवेशन (यूएमआई) द्वारा वित्तपोषित इस शोध में छ: सबसे बड़ी ई कॉमर्स और लॉजिस्टिक कंपनियों को शामिल किया गया था। ये कंपनियां हैं, अमेजॉन, वालमार्ट, फ्लिपकार्ट, यूपीएस, डीएचएल और फेडएक्स। इन कंपनियों पर शोध से स्पष्ट प्रमाण मिला है कि ये सभी कंपनियां वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री तक कम करने में सहयोग करने से पूरी तरह विफल साबित हुई हैं। ये कंपनिया आगे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए क्या उपाय करने जा रही हैं इसका भी खाका प्रस्तुत करने में असफल रहीं हैं।

    शोध के मुताबिक ऐसे समय में जब सभी कंपनियों तथा स्थापित ब्रांड द्वारा वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस कम करने के लिए शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में निर्णायक कार्य करना है तब ऐसे में सर्वेक्षण में शामिल कोई भी ई कॉमर्स कंपनी शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में जमीन पर कोई भी ठोस कार्य नहीं कर रही है। वालमार्ट इकलौती ऐसी कंपनी है जिसने अपने सभी प्रकार के कार्य संपादन में 2040 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है।

    इस संबंध में सोमो के शोधकर्ता इलोना हर्टलिफ कहती हैं “ज्यादातर कंपनियों ने अब जाकर इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा तैयार करना शुरु किया है। कंपनियों को समझना है कि अगर तय समय में शून्य उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करना है तो उनको ये प्रयास तेज गति से करना होगा।”

    अध्ययन में कहा गया है कि “केवल फ्लिपकार्ट ने 2030 तक और फेडएक्स ने 2040 तक आखिरी बिन्दु तक वितरण वाहनों को बैटरी चालित वाहनों में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है, जबकि डीएचएल ने अपने 60 प्रतिशत वाहनों को ई वाहन में पपिवर्तिन करने का संकल्प किया है। अमेजन ने जहां 2040 तक सभी आखिरी बिन्दु तक वितरण करनेवाले वाहनों को ई वाहन में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है तो यूपीएस ने इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।”

    अध्ययन में पाया गया कि फ्लिपकार्ट और अमेजन ने ये जरूर वादा किया है कि 2021 के अंत तक वो अपने आखिरी वितरण बिन्दु तक क्रमश: 2000 और 1800 वाहनों को ई वाहनों में परिवर्तित कर देंगे लेकिन ई वाहनों के बारे में कंपनी के भीतर संपूर्ण परिदृश्य को लेकर इनकी ओर से कुछ नहीं कहा गया है। वालमार्ट की ओर से अभी केवल पॉयलट प्रोजेक्ट शुरु किया गया है और वर्तमान समय में उनके द्वारा कितने ई वाहनों का उपयोग किया जा रहा है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गयी है।

    गंगा तराई के क्षेत्र और लगभग समूचा उत्तर भारत इस समय जैसे वायु प्रदूषण का सामना कर रहा है या फिर दक्षिण के राज्यों में जिस तरह से अचानक बेमौसम बाढ आयी है या फिर भारत के कई शहरों में जिस तरह से बेमौसम बरसात हुई है उसे देखकर लगता है कि जलवायु परिवर्तन का असर दिखना शुरु हो गया है। मौसम में हो रहे इन असामयिक परिवर्तनों को देखते हुए कार्बन उत्सर्जन को करने के लिए तय लक्ष्यों के प्रति गंभीरता से कार्य करने की सख्त जरूरत है।

    इस बारे में ‘असर’ से जुड़े सिद्धार्थ श्रीनिवास कहते हैं कि “शहरों के स्थानीय निकाय और राज्य सरकारों को चाहिए की वो वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। इसके लिए वो विभिन्न हितधारकों जैसे उपभोक्ता समूहों, नागरिक समूहों और वितरण कंपनियों को शामिल करके नीति और नियम बना सकते हैं ताकि ई कामर्स कंपनियों के जरिए होने वाले वितरण में शून्य कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित हो सके।” इसके साथ ही कंपनियों को अपने वितरण व्यवस्था को भी पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। सिद्धार्थ श्रीनिवास का कहना है कि “आर्थिक और उर्जा सुरक्षा को प्राप्त करने के साथ साथ ऐसे उपाय इस क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को भी व्यापक स्तर पर लाभ पहुंचाएंगे।”

    नेचुरल रिसोर्स डिफेन्स प्रोग्राम, इंडिया के सलाहकार और एयर क्वालिटी एण्ड क्लाइमेट रिलायंस के प्रमुख पोलाश मुखर्जी का कहना है कि ” आईसीई सहयोगियों के साथ टीसीओ समानता को देखते हुए आखिरी केन्द्र तक सामान वितरण के लिए ई वाहनों का इस्तेमाल जरूरी है। भारतीय शहरों में हवा की खराब गुणवत्ता को देखते हुए ये जरूरी है कि ई कॉमर्स और वितरण कंपनियां कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए ई वाहनों का तत्काल इस्तेमाल शुरु कर दें। ये रिपोर्ट हमें बताती है कि हमें महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने होंगे और उन लक्ष्यों के प्रति पारदर्शिता से तत्काल काम करना होगा।”

    Shagun

    Keep Reading

    Shopping just got even more stylish! Sara Ali Khan launches Shoppers Stop's new credit cards.

    शॉपिंग अब और भी स्टाइलिश! सारा अली खान ने लॉन्च किए शॉपर्स स्टॉप के नए क्रेडिट कार्ड

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    Swadeshi Traders' Conclave and public outreach campaign to intensify on September 3.

    03 सितंबर को स्वदेशी व्यापारी कुंभ, जनसंपर्क अभियान तेज

    Homefoil has launched a new campaign with Kareena Kapoor Khan.

    होमफॉइल ने करीना कपूर खान के साथ नया कैंपेन लॉन्च किया

    India Moves Toward ‘One India–One FIP’ as IMIA Strengthens Its Sustainable Fisheries Mission

    IMIA ने महाराष्ट्र-गोवा FIP को राष्ट्रीय फ्रेमवर्क में शामिल किया

    Shankesh Jewellers' ₹347 crore IPO will open on August 18.

    शंकेश ज्वेलर्स का ₹347 करोड़ का आईपीओ 18 अगस्त से खुलेगा

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Soulful bhajan ‘Aan Baso Mere Man Darpan Mein’ released on Janmashtami.

    जन्माष्टमी पर रिलीज हुआ भावपूर्ण भजन ‘आन बसो मेरे मन दर्पण में’

    August 26, 2026
    Shopping just got even more stylish! Sara Ali Khan launches Shoppers Stop's new credit cards.

    शॉपिंग अब और भी स्टाइलिश! सारा अली खान ने लॉन्च किए शॉपर्स स्टॉप के नए क्रेडिट कार्ड

    August 26, 2026
    Azim Premji Foundation to provide scholarships to 20,000 female students in Delhi.

    अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन दिल्ली में 20,000 छात्राओं को देगा स्कॉलरशिप

    August 26, 2026
    Women sanitation workers tied Rakhis to the Urban Development Minister.

    स्वच्छताकर्मी महिलाओं ने नगर विकास मंत्री को बांधी राखी

    August 26, 2026

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    August 26, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading