एकता व शान्ति ही मानवता के विकास का मूलमंत्र है: बृजेश पाठक

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अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन का तीसरा दिन:

लखनऊ,10 नवम्बर 2019: सीएमएस में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के तीसरे दिन के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मुख्य अतिथि कानून एवं न्यायमंत्री श्री बृजेश पाठक ने कहा कि एकता व शान्ति ही मानवता के विकास का मूलमंत्र है। मैं डाॅ. जगदीश गाँधी के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होने आज की जरूरत को पहचाना और विश्व के बच्चों के सुरक्षित व सुखमय भविष्य के लिए विगत कई वर्षों से इस सम्मेलन को आयोजित कर रहे हैं।

सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा आयोजित ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 20वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ के तीसरे दिन का उद्घाटन आज प्रातः प्रदेश के कानून एवं न्यायमंत्री बृजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया, जबकि समारोह की अध्यक्षता जाम्बिया के न्यायमंत्री श्री गिवेन लुबिन्डा ने की। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल 71 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पार्लियामेन्ट के स्पीकर, न्यायमंत्री, इण्टरनेशनल कोर्ट के न्यायाधीश, विश्व प्रसिद्ध शान्ति संगठनों के प्रमुखों समेत 290 से अधिक मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों व कानूनविदों ने एक नई विश्व व्यवस्था हेतु जोरदार तरीके से अपने विचार रखे। विदित हो कि विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का यह अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन 8 से 12 नवम्बर तक सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है।

सम्मेलन के तीसरे दिन के पहले प्लेनरी सेशन में अपने विचार रखते हुए बेनिन सुप्रीम कोर्ट के प्रेसीडेन्ट न्यायमूर्ति ओस्माने बटोको ने कहा कि मुझे विश्वास है कि यह सम्मेलन विश्व के देशों को नई विश्व व्यवस्था के मुकाम पर पहुँचायेगा। उन्होंने विश्व के नेताओं का आहवान करते हुए उन्होंने कहा कि हाथ से हाथ मिलाएं और ऐसा विश्व बनाएं जहाँ शांति व एकता का साम्राज्य हो और हमारे बच्चे सुरक्षित रह सके।

थाईलैण्ड सुप्रीम कोर्ट के वाइस प्रेसीडेन्ट न्यायमूर्ति सैटिप सुकाटिपन ने जोरदार शब्दों में अन्तर्राष्ट्रीय कानून व्यवस्था की वकालत करते हुए कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय कानून इतना प्रभावशाली होना चाहिए कि इसमें राजनीतिकरण न हो सके। अंगोला की संवैधानिक कोर्ट के प्रेसीडेन्ट न्यायमूर्ति एम. डकोस्टा अरागाओं ने कहा कि बच्चों के भविष्य की सुरक्षा आज की सर्वाधिक आवश्यकता है और हम इसके महत्सव को समझते हैं। उन्होने विश्व सरकार व वैश्विक कानून की सी.एम.एस. छात्रों की मांग का पुरजोर समर्थन किया।

सर्बिया के कान्स्टीट्यूशनल कोर्ट की वाइस प्रेसीडेन्ट न्यायमूर्ति स्नेजाना मार्कोविक ने कहा कि हम एक दूसरे पर बंधी मुट्ठी तान कर दुनिया में बदलाव नहीं ला सकते। इसके लिए हम सभी को साथ मिलकर कार्य करना होगा।

सीएमएस के प्रवक्ता ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के चौथे दिन का उद्घाटन कल
11 नवम्बर को प्रातः 9.00 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में होगा। डा. महेन्द्र सिंह, कैबिनेट मंत्री, जल शक्ति, उ.प्र., इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा, 71 देशों से पधारे न्यायविदों, कानूनविदों व अन्य प्रख्यात हस्तियों के सम्मान में रंगारंग साँस्कृतिक संध्या का आयोजन कल 11 नवम्बर को सायं 7.30 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में किया गया है। प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे।

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