पूर्वांचल व पश्चिमाॅंचल कम्पनी में 400 करोड के मीटर खरीद के दे दिये गये आर्डर अब हो रही हे  सैम्पल जाॅंच की बात

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बिजली कम्पनियों द्वारा खरीदे जा रहे करोडों के मीटर की गुणवत्ता पर बढ़ती जा रही उदासीनता के खिलाफ उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष की नियामक आयोग के अध्यक्ष के साथ लम्बी वार्ता।
नियामक आयोग अध्यक्ष ने उपभोक्ता परिषद से मांगा पूरे मामले पर एक विस्तृत प्रस्ताव उसके बाद कहा कम्पनियों से की जायेगी पूरी रिपोर्ट तलब, उपभोक्ता परिषद जल्द ही आयेाग कों सौंपेगा विस्तृत प्रस्ताव
नियामक अयोग अध्यक्ष का बैठक के बाद आश्वासन, मीटर की गुणवत्ता के साथ नही होगा कोई समझौता, जिस भी कम्पनी ने बरती होगी उदासीनता उसके खिलाफ होगी कठोर कार्यवचाही
पूर्वांचल व पश्चिमाॅंचल कम्पनी में 400 करोड रू. के मीटर खरीद के दे दिये गये आर्डर अब हो रही हे
सैम्पल जाॅंच की बात

उप्र में लगभग 68 लाख अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं के यहाॅं मीटर लगाने हेतु बिजली कम्पनियों द्वारा खरीदे जा रहे मीटरों की खरीद फरोख्त व शहरी क्षेत्रों में 40 लाख स्मार्ट मीटर खरीद प्रक्रिया में बिजली कम्पनियेां द्वारा मीटर की गुणवत्ता पर उदासीनता बरतने के विरोध में उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज नियामक आयोग अध्यक्ष श्री देश दीपक वर्मा से मुलाकात कर लम्बी वार्ता की। उपभोक्ता परिषद द्वारा आयोग के सामने यह मुद्दा उठाया गया कि पश्चिमाॅंचल व पूर्वांचल द्वारा लगभग 400 करोड के मीटर खरीद कर स्थापित कराने के आदेश निर्गत किये जा चुके हैं। जिसमें मीटरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु जो प्रभावी कदम उठाये जाने चाहिये थे वह नही उठाये गये और अब जब उपभोक्ता परिषद द्वारा मामले पर सवाल खडा किया गया तो बिजली कम्पनियों व पावर कारपोरेशन द्वारा मीटर सैम्पल की सीपीआरआई से जाॅंच कराने की बात की जा रही है। अनेकों मीटर निर्माताआंे जिनके खिलाफ गंभीर आरोप होने के बावजूद भी उन्हें करोडों के आर्डर दे दिये गये हैं। पूरे प्रदेश में कुछ मीटर निर्माताओं के मीटर जो उपभोक्ता के यहाॅं लगे हैं उसमें रीडिंग जंम्पििंग की शिकायत आ रही है जिस पर आयेाग द्वारा भी पूर्व में रिपोर्ट तलब की गयी थी। उसके बावजूद भी ऐसी कम्पनियों को करोडों का आर्डर निर्गत किया गया।

नियामक आयोग अध्यक्ष श्री देश दीपक वर्मा ने उपभोक्ता परिषद द्वारा रखे गये साक्ष्यों को देखकर मामले को गंभीर करार देते हुए उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष से पूरे मामले पर एक विस्तृत प्रस्ताव बनाकर आयोग को सौंपने को कहा गया। उपभोक्ता परिषद द्वारा पूरे मामले पर जल्द ही आयेाग को एक विस्तृत प्रस्ताव सौपा जायेगा।
नियामक आयोग अध्यक्ष श्री देश दीपक वर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि उपभोक्ता परिषद द्वारा विस्तृत प्रस्ताव देने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले पर बिजली कम्पनियों से रिपोर्ट तलब की जायेगी किसी भी स्तर पर बिजली कम्पनियेां द्वारा बडती जा रही उदासीनता को बर्दाश्त नही किया जायेगा। बिजली कम्पनियेां को हर हाल में मीटरों की उच्च गुणवत्ता बनाये रखने के लिये कदम उठाना ही होगा। पूरे मामले में जिस भी कम्पनी द्वारा लापरवाही बरती गयी होगी उसके खिलाफ आयोग कठोर कदम उठायेगा।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि भारत सरकार की जिस कम्पनी ईईसीएल (एनर्जी एफिसेन्सी सर्विसेज लि.) द्वारा पूर्व में उपभोक्ताओं को एलईडी बाॅंटे गये और आज भी पूरे प्रदेश में एक साल नही बीता अनेकों उपभोक्ताआंे के एलईडी बल्ब खराब हो गये अब इसी कम्पनी के माध्यम से पुनः 40 लाख स्मार्ट मीटर शहरी क्षेत्रांे में लगाने के लिये खरीद हेतु एमओयू करने की तैयारी की जा रही है। सवाल यह उठता है कि भारत सरकार की इस कम्पनी ने किन कम्पनियांे से करार किया जिसके द्वारा आपूर्तित एलईडी बडी संख्या में खराब हुयी है और अब उसी कम्पनी के माध्यम से स्मार्ट मीटर खरीदने की तैयारी की जा रही है। जिस पर भारत सरकार व उप्र सरकार को सोचना चाहिये कि उच्च गुणवत्ता के साथ खिलवाड क्यों हो रहा है।