मेरठ, 4 मई : स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय ने दी मार्स रिसोर्ट्स, मेरठ में प्रिंसिपल कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया। इस अवसर पर मेरठ, उत्तर प्रदेश, और दिल्ली-एनसीआर के CBSE, ICSE, और यूपी बोर्ड से संबद्ध प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा को विश्वविद्यालय से जोड़ना और शिक्षा के वर्तमान परिदृश्य पर सार्थक चर्चा करना था। पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने नई शिक्षा नीति, विद्यार्थियों के मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य, और शैक्षणिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।
कुलपति मेजर जनरल डॉ. जी.के. थपलियाल ने अपने स्वागत भाषण में सुभारती विश्वविद्यालय के मिशन शिक्षा, सेवा, संस्कार, और राष्ट्रीयता से सम्बंधित विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रहित में सर्वसुलभ शिक्षा और विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर जोर दे रहा है।
डॉ. वसुदा सिंह (आईएचबीएएस, दिल्ली) ने कहा, “स्कूली शिक्षा को विश्वविद्यालय से जोड़ना केवल शैक्षणिक सुधार नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह छात्रों के मानसिक विकास के साथ-साथ देश को सक्षम नागरिक प्रदान करेगा।”
न्यूरो मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सम्यक जैन ने तनाव प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता, और शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया। पैनल में डॉ. तृप्त कौर, डॉ. नीरज पवार, लव जैन, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. निखिल श्रीवास्तव, और हरमिंदर मेहंदीरत्ता ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. निशा सिंह ने किया, और धन्यवाद ज्ञापन शम्मी सक्सेना ने दिया। कुलसचिव एम. याकूब, विभिन्न संकायों के डीन, और आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाया।







