नई दिल्ली, 09 जनवरी। उच्च शिक्षा में अंडर ग्रेजुएट पोस्ट ग्रेजुएट और रिसर्च स्कॉलर के आंकड़े उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए हैं इन आंकड़ों को देखने से स्पष्ट है कि पिछले 7 साल में उच्च शिक्षा में लड़कियां,लड़कों के मुकाबले लगभग 37 फ़ीसदी ज्यादा उच्च शिक्षा के मामले में आगे बढ़ रही हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर और गोवा सहित लगभग 12 राज्यों में लड़कियों ने, लड़कों को बुरी तरह पछाड़ा है।
पांडुचेरी में 44.5 फ़ीसदी लड़कियां और 41.8 फ़ीसदी लड़के, सिक्किम में 40.8 फ़ीसदी लड़कियां और 33.9 फ़ीसदी लड़के,हिमाचल में 40.7 फीसदी लड़कियां और 33 फ़ीसदी लड़के,केरल में 40.1 लड़कियों और 28.3 फ़ीसदी लड़कों ने, गोवा में 31.9 फ़ीसदी लड़कियां और 25 फ़ीसदी लड़के,पंजाब में 30.6 फीसदी लड़कियां 27 फ़ीसदी लड़के,हरियाणा में 29.7 लड़कियां तथा 28.5 फीसदी लड़के,जम्मू कश्मीर में 27.7 फीसदी लड़कियों ने और 23.6 फ़ीसदी लड़कों ने, उत्तर प्रदेश में 25.3 फीसदी लड़कियों ने तथा 24.6 फ़ीसदी लड़कों ने,अपने पंजीयन कराएं ।कर्नाटक और नागालैंड में लड़कियों और लड़कों की संख्या लगभग लगभग समान पाई गई है।
ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन 2016-17 में यह स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार उच्च शिक्षा में एनरोलमेंट का परसेंटेज 5 साल में करीब 19 फ़ीसदी से बढ़कर लगभग 25.2 फिसदी हो गया है। 18 से 23 साल की उम्र में पंजीयन के परिणाम घोषित हुए हैं।
5 साल में 197 नए विश्वविद्यालय:
रिपोर्ट में भारत की उच्च शिक्षा के बारे में जो जानकारियां दी गई हैं। पिछले 5 सालों में उच्च शिक्षा में करीब 56 लाख छात्र बढ़े हैं इस दौरान देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 667 से बढ़कर 864 हो गई है देश में 4501 नए कॉलेज खुले हैं 10 राज्यों में महिलाओं के लिए 15 नए विश्वविद्यालय खोले हैं।







