घाटी में सेना का ऑप्रेशन जारी : सरेंडर करो नहीं तो कर देंगे सफाया

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  • 2009 में भी पाकिस्तान ने आतंकी हमला करा लोकसभा चुनाव बाधित करने का प्रयास किया था: ख़ुफ़िया रिपोर्ट
  • हमने 100 घंटों में ही कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद नेतृत्व का कर दिया सफाया

नई दिल्ली, 20 फरवरी 2019: सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि पुलवामा के कार बम हमले में पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई शामिल थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कश्मीर में हथियार उठाने वाले अगर समर्पण नहीं करते, तो उनका सफाया कर दिया जाएगा।

पुलवामा कार हमले में पाक सेना और आईएसआई शामिल थी :ढिल्लो

सेना की श्रीनगर स्थित 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लो ने कहा कि 14 फरवरी के आतंकवादी हमले के 100 घंटों के अंदर ही कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद नेतृत्व का सफाया कर दिया गया। उन्होंने कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक एसपी पाणि और सीआरपीएफ के महानिरीक्षक जुल्फिकार हसन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की। ढिल्लो ने संवाददाताओं से कहा कि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तानी सेना द्वारा खड़ा किया गया है और उस पर पाकिस्तानी सेना तथा आईएसआई का नियंत्रण है।

सोमवार के आपरेशन का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि कामरान सहित जैश के तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया है। कामरान कश्मीर घाटी में आतंकवादी संगठन का स्वयंभू मुख्य आपरेशन कमांडर था।

आतंकी हमला करा लोकसभा चुनाव बाधित करने का प्रयास किया था:

अमेरिकी सरकार के एक सीक्रेट संदेश से इस बात का खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने 2009 में भी आतंकी हमले कराकर आम चुनाव में बाधा डालने की कोशिश की थी। उस समय नियंत्रण रेखा के जरिये बड़ी संख्या में जैश और लश्कर के आतंकियों ने घुसपैठ की थी। कूटनीतिक सूत्रों को यह आशंका है कि इस साल आम चुनाव से पहले भी वैसी ही घटनाएं सामने आ सकती हैं। पुलवामा हमले को उसी रूप में देखा जा रहा है। कहा  जा रहा है कि इस हमले में पाकिस्तान के आईएसआई की छाप साफ नजर आ रही है। इसका मतलब पाकिस्तान भारत में हमले कराकर चुनाव पूर्व देश को बांटने की कोशिश कर रहा है।

कई गाजी आए और गए:

उन्होंने कहा कि विशिष्ट सूचना के आधार पर रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात हमने इस माड्यूल पर हमला किया था और सुरक्षा बल 14 फरवरी के हमले के बाद से ही जैश के शीर्ष नेतृत्व पर नजर रख रहे थे। जैश आतंकवादी गाजी अब्दुल रशीद के बारे में पूछे जाने पर ढिल्लों ने कहा, ‘कई गाजी आए और गए। इसमें कुछ भी नया नहीं है। हम इससे निपटते रहेंगे। किसी गाजी को आने दीजिए।’’

उन्होंने कहा कि मैं कश्मीरी युवाओं के माता-पिता, खास तौर से माताओं से एक बात कहना चाहूंगा क्योंकि मैं समझता हूं कि उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है, आप के जरिए मैं आपके बेटों को आत्मसमर्पण करने व उनसे मुख्यधारा में शामिल होने का आग्रह करता हूं।’

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