इनका निशाना इलाके में रहने वाले सीनियर सीटिजन बन रहे हैं
नई दिल्ली, 04 फरवरी। कहते हैं अगर कुत्ता किसी को काटे तो यह कोई खबर नहीं है,लेकिन अगर एक साल में 3,397 लोग कुत्तों के काटने के शिकार हो जाएं तो यह निश्चित रूप से खबर हो सकती है। मिजोरम सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2016-2017 में राज्य में 3,397 लोग कुत्तों के काटने के शिकार हुए।
यह संख्या मुख्य रूप से शहरी इलाकों की है। रिकॉर्ड के अनुसार इन पीड़ितों में 1,363 महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं कुत्ते के काटने से एक व्यक्ति की मौत भी हुई।
गौरतलब है कि विभाग न सिर्फ कुत्तों बल्कि सांप, बिल्लियों, एवं चूहों के काटने का भी रिकॉर्ड रखता है। कुत्तों के काटने से हर दिन लोगों के मरने की खबरें आती रहती हैं। आवारा कुत्तों के सबसे ज्यादा शिकार बच्चे और बुजुर्ग बनते हैं। दिल्ली में भी आवारा कुत्तों से लोग काफी परेशान हैं।
इनका निशाना इलाके में रहने वाले सीनियर सीटिजन बन रहे हैं। आवारा कुत्तों से परेशान लोग पार्षद के ऑफिस शिकायत लेकर पहुंच जाते हैं कि आवारा कुत्तों से उन्हें बचाया जाए। सुबह के वक्त जब बुजुर्ग पार्क या मंदिर जाते हैं तो उन्हें आवारा कुत्ते काट लेते हैं,या गिरा देते हैं।







