चित्रा नक्षत्र में रबी की बुआई शुरू, बुआई से पहले बीज उपचारित अवश्य करें

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चित्रा नक्षत्र आधा बीत चुका है। चित्रा नक्षत्र तीन दिन बीतने के बाद रबी की बुआई शुरू हो जाती है। इस समय किसान मटर, मसूड़ आदि की खेती में व्यस्त हैं। यदि विशेषज्ञों की मानें तो इस समय किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे खेती का आय को बढ़ाया जा सकता है।

ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि आकाश मंडल में 14वां नक्षत्र चित्रा है, जिस व्यक्ति का जन्म इस नक्षत्र में होता है वह साहसी और उर्जावान होते हैं। इस नक्षत्र के दो चरण कन्या राशि में एवं दो चरण तुला राशि में होते हैं। इसलिए कन्या और तुला राशि वालों में इस नक्षत्र के गुण दिखते हैं।

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शास्त्रों में कहा गया है चित्रा बरसें तीन भये, गोंऊसक्कर मांस। चित्रा बरसें तीन गये, कोदों तिली कपास॥ अर्थ-चित्रा नक्षत्र में बर्षा होने से कोदों, तिली तथा कपास की फसल नष्ट हो जाती है। किन्तु गेहूं, गन्ना, चना की उपज में वृद्धि होती है। चैत चमक्कै बीजली, बरसै सुदि बैसाख। जेठै सूरज जो तपैं, निश्चै वरसा भाख॥

चित्रा नक्षत्र 10 अक्टूबर को चढ़ गया। यह 24 तक रहेगा। इसके बाद स्वाती नक्षत्र आएगा। इन दोनों नक्षत्र में रबी की फसलों की बुआई होगी।

इस संबंध में गोंडा मंडल के उद्यान निरीक्षक अनीस श्रीवास्तव ने बताया कि पूसा अर्ली बंचिंग आजाद मेंथी-1 की बुआई का अच्छा समय आने वाला है। इसकी बुआई अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में कर देना चाहिए। किसी भी बीज को उपचारित करने के बाद ही उसकी खेत में बुआई करनी चाहिए। प्याज की बुआई का भी समय आ गया है। इसके लिए भी खेत को अच्छे ढंग से जुताई के बाद बीज का सही चयन करना चाहिए।

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