लखनऊ, 07 फरवरी, 2020: राजधानी स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में पृथ्वी निर्माण से लेकर प्रजातियों के विकास तक के 200 से अधिक तरह के पत्थर देखने को मील है। विश्वविद्यालय के छात्रों के मुताबिक ये पत्थर कई हजार साल पुराने है जो देश के भिन्नन जगहों से लाये गए है।
वीओ- बीबीएयू के भूगर्भ शास्त्र विभाग में geoyouth फेस्ट के जरिये पत्थर के प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में अलग अलग स्कूल,कॉलेज व विद्यालयों से आये छात्र भाग लिया और प्रदर्शनी में रखे पत्थरों के बारे में जानकारियां साझा की, साथ ही अलग अलग जगहों से लाये गये भिन्न प्रकार के पत्थरों की उपयोगिता व पृथ्वी के समय में इसकी भूमिकाओं के बारे में भी बताया।
वीओ- विभाग के छात्रो के मुताबिक इस प्रदर्शनी में जो पत्थर रखे गए है वो 200 से अधिक प्रकार के पत्थर है जो पृथ्वी पर ही मिलते है। इन पत्थरों का उपयोग न सिर्फ घरों में किया जाता है बल्कि लोग हाथों में भी पहने है इसके साथ ही धर्म विशेष के लिए अपने पास भी रखते है।
पृथ्वी निर्माण से पहले के हैं पत्थर:
वीओ- बीबीएयू के डॉ नरेंद्र ने प्रदर्शनी को लेकर बताया कि प्रदर्शनी में के ऐसे पत्थर देखने को मिलेंगे जो पृथ्वी निर्माण से पहले के हैं लेकिन ज्यादातार लोगों को इसके बारे में जानकारी नही होती, हम इस प्रदर्शनी के जरिये पत्थरों के निर्माण, उपयोगिता और पर्यावरण में इसकी भूमिका के बारे में दर्शाया गया है।
- डॉ नरेंद्र कोर्डिनेटर” भूगर्भ शास्त्र विभाग बीबीएयू” “काली कोर्ट “







