ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर मध्य पूर्व में तनाव चरम पर
नई दिल्ली 19 जून : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने बुधवार, 18 जून 2025, को एक कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा, “हम सरेंडर नहीं करेंगे।” यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी के रूप में दिया गया, जिसमें खामेनेई ने कहा कि यदि इजरायल के खिलाफ युद्ध में अमेरिकी सेना ने दखल दिया, तो इसके “बुरे अंजाम” होंगे। यह संदेश ईरान के राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित हुआ, जिसमें खामेनेई ने जोर देकर कहा कि “ईरान का इतिहास जानने वाले जानते हैं कि ईरानी किसी धमकी के आगे नहीं झुकते। इजरायल ने बड़ी गलती की है, और उसे इसकी सजा मिलेगी।”
खामेनेई का युद्ध का ऐलान: मंगलवार देर रात, खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हैदर के नाम पर, जंग शुरू होती है। हम आतंकी यहूदी शासन (इजरायल) को कड़ा जवाब देंगे, कोई दया नहीं दिखाएंगे।” इसके बाद बुधवार तड़के ईरान ने इजरायल पर 25 फत्ताह हाइपरसोनिक मिसाइलें दागीं, जो ध्वनि की गति से पांच गुना तेज हैं। इन हमलों में तेल अवीव और पेटाह तिकवा में रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा, जिसमें 13 नागरिक मारे गए और 1300 से अधिक घायल हुए।

इजरायल का पलटवार: इजरायल ने बुधवार सुबह तेहरान में हवाई हमले तेज कर दिए। इजरायली वायुसेना ने तेहरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों, विशेषकर इस्फहान और फोर्डो क्षेत्रों को निशाना बनाया। इजरायल ने दावा किया कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कई एयर कमांड अधिकारियों और 9 परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराया। तेहरान के एक तेल रिफायनरी और सरकारी प्रसारक IRIB के स्टूडियो पर भी हमले हुए, जिससे प्रसारण बाधित हुआ।
ट्रंप की धमकी और अमेरिका की भूमिका: ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रॉथ’ पर लिखा, “ईरान के आसमान पर हमारा कब्जा है। हमें पता है कि सुप्रीम लीडर कहां छिपा है, लेकिन हम उसे अभी नहीं मारेंगे। ईरान को बिना शर्त सरेंडर करना होगा।” खामेनेई ने इस धमकी को खारिज करते हुए कहा, “ईरान थोपी गई शांति या युद्ध को नहीं मानेगा।” अमेरिका ने मध्य पूर्व में F-16, F-22, और F-35 लड़ाकू विमान तैनात किए हैं, लेकिन ट्रंप ने खामेनेई की हत्या की इजरायली योजना पर वीटो लगाया, यह कहते हुए कि यह क्षेत्रीय युद्ध को भड़का सकता है।
खामेनेई की सुरक्षा: इजरायली हमलों के बीच, खामेनेई और उनके परिवार को तेहरान के पूर्वोत्तर में एक अघटनीय भूमिगत बंकर में स्थानांतरित कर दिया गया है। ईरान को डर है कि इजरायल सुप्रीम लीडर को निशाना बना सकता है।
क्षति का आकलन: इजरायली हमलों में ईरान में 585 लोगों की मौत और 1326 घायल हुए, जबकि ईरान के मिसाइल हमलों से इजरायल में भारी नुकसान हुआ। ईरान के 31 में से 18 प्रांतों पर हमलों का असर पड़ा, और तेहरान के कई निवासी शहर छोड़कर जा रहे हैं।
कूटनीतिक प्रयास: ईरान ने कतर, सऊदी अरब, और ओमान के जरिए ट्रंप से इजरायल पर युद्धविराम के लिए दबाव डालने की अपील की है, बदले में परमाणु वार्ता में लचीलापन दिखाने की पेशकश की। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया कि वह दबाव में वार्ता नहीं करेगा।
नेतन्याहू का दावा: इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “खामेनेई की हत्या से यह युद्ध खत्म हो जाएगा।” उन्होंने दावा किया कि इजरायल ईरान के लोगों की आजादी के लिए लड़ रहा है।
क्षेत्रीय तनाव: मध्य पूर्व में अनिश्चितता का माहौल है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह और इराकी मिलिशिया ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है, यदि अमेरिका युद्ध में शामिल हुआ। भारत ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा एडवाइजरी जारी की है और 110 भारतीय छात्रों को ईरान से निकाला गया।
खामेनेई का बयान ईरान की दृढ़ता और युद्ध को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इजरायल के लक्षित हमले और अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया है। ट्रंप का सावधानी बरतने का रुख और युद्धविराम की संभावना अभी भी अनिश्चित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खामेनेई को निशाना बनाया गया, तो यह क्षेत्रीय युद्ध को और भड़का सकता है, जिसमें ईरान समर्थित समूह सक्रिय हो सकते हैं।
आगे हमले जारी रह सकते हैं:
- ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमले जारी रह सकते हैं, जिससे नागरिकों को भारी नुकसान हो सकता है।
- खामेनेई के उत्तराधिकार पर चर्चा तेज हो गई है, जिसमें उनके बेटे मोजत्बा खामेनेई का नाम सामने आ रहा है।
- X पर पोस्ट्स के अनुसार, कुछ ईरानी लोग खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि अन्य युद्ध में उनका समर्थन कर रहे हैं।
नोट: भारत सरकार ने नागरिकों से मध्य पूर्व की यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।







