नई दिल्ली, 21 जून 2025, इसरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव आठवें दिन में प्रवेश कर गया है, जिसमें दोनों पक्षों ने मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे। इसरायल ने ईरान के परमाणु सुविधाओं जैसे नातांज़ और फोर्डो को निशाना बनाया, जिससे रेडियोलॉजिकल प्रदूषण की पुष्टि हुई, लेकिन ईरान का मुख्य कार्यक्रम सुरक्षित बताया जा रहा है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन का बयान :
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान को समर्थन देने का ऐलान किया और कहा कि ईरान को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग का अधिकार है। उन्होंने कहा कि हमेशा से हमारा रूख यही रहा है।
उधर ईरान ने तेल अवीव में एक अस्पताल पर हमला किया, जिसमें कई घायल हुए। इस बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में कहा कि रूस ईरान को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग का समर्थन करता है और इसरायल से रूसी कर्मियों की सुरक्षा की गारंटी ली गई है। पुतिन ने मध्यस्थता की पेशकश की, लेकिन इसरायल ने अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया। अमेरिका के ट्रंप ने ईरान से समर्पण की मांग की, जबकि जेनेवा में यूरोपीय देशों ने कूटनीति की कोशिशें तेज कीं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि परमाणु सुविधाओं पर और हमले गंभीर परिणाम ला सकते हैं।
इसरायल ने ईरान को नुकसान पहुंचाया है, विशेष रूप से सैन्य और परमाणु बुनियादी ढांचे को, लेकिन यह भारी या निर्णायक नहीं है। पुतिन का ईरान समर्थन और मध्यस्थता की पेशकश इस संघर्ष में रूस की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है, लेकिन अभी तक कोई कूटनीतिक सफलता नहीं मिली है। फिलहाल स्थिति गंभीर बनी हुई है, और अगले कदमों पर सभी की नजरें हैं।







