नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने हाल ही में सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को सौंपी अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि इस्लामिक स्टेट-खुरासान (आईएस-के) अमेरिका, यूरोप और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान के फिर से विदेशी आतंकवादियों का अड्डा बनने का खतरा बढ़ रहा है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंताजनक है।
विशेषज्ञों ने बताया कि आईएस-के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने में सक्रिय है। हाल के आतंकी षड्यंत्रों में गाजा-इस्राइल संघर्ष से प्रेरित या आईएस-के के दुष्प्रचार से प्रभावित व्यक्तियों की भूमिका देखी गई है। यह समूह अपनी वैश्विक पहुंच बढ़ाने और आतंकी हमलों को प्रोत्साहित करने में सक्षम होता जा रहा है।
रिपोर्ट में अफगानिस्तान और मध्य एशिया में विदेशी लड़ाकों की वापसी को क्षेत्रीय अस्थिरता का एक प्रमुख कारण बताया गया है। विशेषज्ञों ने चेताया कि इससे दक्षिण एशिया पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। तालिबान के साथ शत्रुता के बावजूद, आईएस-के का नेटवर्क और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, जो अफगान सीमाओं से परे भी सक्रिय है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इस बढ़ते खतरे को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।







