बाजारों में रौनक, घरों में सजावट, और बच्चों में पकवानों की उमंग; करवाचौथ की तैयारियां जोरों पर
लखनऊ: करवाचौथ का पावन पर्व नजदीक आते ही शहर और गांवों में उत्साह का माहौल है। इस बार सुहागिनों के साथ-साथ युवतियों में भी मेहंदी लगाने का क्रेज देखने को मिल रहा है। मेहंदी की दुकानों पर सुंदर डिजाइनों के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, और हर कोई अपने हाथों को पारंपरिक अंदाज में सजाने को बेताब है।
बाजारों में खरीदारी की रौनक भी कम नहीं है। सोने-चांदी के आभूषणों से लेकर साड़ी और सूट की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार डिजाइनर लहंगे और हैवी वर्क वाली साड़ियों की मांग सबसे ज्यादा है।

घरों में भी करवाचौथ की तैयारियां जोरों पर हैं। महिलाओं ने छतों पर सफाई करवाकर रंग-बिरंगी लाइटों से सजावट की है। करवा पूजा के लिए चावल और गेरू से तालिका बनाई जा रही है, जो इस त्योहार की खास परंपरा है। पूजा की थालियों को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।
बच्चों में भी इस पर्व को लेकर खास उत्साह है। लाइ-खील, चूरा लइया, और अन्य पारंपरिक पकवानों को लेकर उनकी खुशी देखते बन रही है। माताएं और दादी-नानी बच्चों को करवाचौथ की कहानियां सुना रही हैं, जिससे नई पीढ़ी भी इस त्योहार की परंपराओं से जुड़ रही है।

करवाचौथ का यह पर्व न केवल पति-पत्नी के अटूट रिश्ते का प्रतीक है, बल्कि परिवार और समुदाय को एकजुट करने का भी अवसर है। इस बार का उत्साह बता रहा है कि परंपराएं आज भी उतनी ही जीवंत हैं, जितनी पहले थीं।







