वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए होता है करवा चौथ का व्रत

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अर्चना श्रीवास्तव ( प्रीति)

गणेश भगवान की होती है पूजा, महिलाएं रखती हैं निर्जला उपवास

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। प्रतिवर्ष महिलाओं को इस व्रत का बेसबरी से इंतजार रहता है। यह व्रत पति की मंगलकामना के लिए रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। आगामी 8 अक्टूबर को करवा चौथ मनाया जाएगा। विशेष रूप से इस दिन गणेश भगवान की पूजा की जाती है। गजानन वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाते हैं। पंडितों की मानें तो प्रत्येक सुहागिन महिलाओं को करवा चौथ का व्रत अवश्य रखना चाहिए।
आर्चाय शिवपूजन दीक्षित ने बताया कि सुहागिन महिलाएं अपने शादीशुदा जीवन को सुखमय बनाने के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। यदि पति पर किसी तरह का दोष है तो उनकी पत्नी यह व्रत पूरी श्रद्धा भावना के साथ रखें, इससे उनके पति के दोष खत्म होंगे। इस व्रत से गृह दोष भी कटते हैं। पति की आयु में यदि कोई परेशानी है तो पत्नी द्वारा यह व्रत रखने से पति को दीर्घायु प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त पति के स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है तो भी उसकी पत्नी को यह व्रत रखना चाहिए। करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिला के पति में यदि अकाल मृत्यु का दोष है तो वह समाप्त हो जाता है। इसे सुख और सौभाग्य का कारक व्रत भी कहा जाता है। आचार्य जी ने बताया कि इस आधुनिक समय में ज्यादातर महिलाएं फलहार या फिर चाय, पानी पी लेती हैं लेकिन ऐसा कतई नहीं करना चाहिए। ऐसा करने वाली महिलाएं पाप की भागीदार बनती है। यह व्रत निर्जला ही रखना चाहिए। प्रात: सूर्योदय से पूर्व और चंद्रमा निकलने के बाद ही कुछ खाना पीना चाहिए। आचार्य जी का कहना है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। गणेश भगवान को वैवाहिक जीवन के विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। इस दिन महिलाओं को प्रात: भगवान गणेश की पूजा विधिवत् करनी चाहिए। प्रसाद स्वरूप मोतीचूर के लड्डू चढ़ाना चाहिए।

करवा चौथ का व्रत छोड़ा नहीं जा सकता है

आचार्य जी ने बताया कि यदि किसी महिला ने एक बार यह व्रत रख लिया तो उसे प्रतिवर्ष यह उपवास रखना चाहिए। यदि कोई महिला आगे यह व्रत नहीं रख सकती है तो वो इस व्रत को उठाए ही नहीं। महिला यदि अशुद्ध है तो भी उपवास रखें, ऐसी स्थिति में पूजा न करें। इसके अलावा यदि महिला किसी बीमारी से पीड़ित है और वो सक्षम नहीं है तो यह व्रत छोड़ सकती है। पत्नी व्रत नहीं रख सकती है तो पति उसके स्थान पर उपवास रख सकता है।

अविवाहित लड़कियां करवा चौथ पर करें विशेष पूजा

जिन लड़कियों के विवाह में किसी तरह की बाधा आ रही है तो वे भी करवा चौथ का व्रत रख सकती है, उन्हें निश्चित तौर पर इसका लाभ मिलेगा। जो लड़कियां उपवास नहीं रख सकती है वे इस दिन गणेश भगवान की विशेष पूजा करें। प्रात: 6 से 9 और शाम को 6 से 9 के बीच में विघ्नहर्ता की आराधना करें। शाम की विशेष पूजा में उनके समक्ष पीला सिंदूर, चूड़ियां व पीला या लाल रंग का फीता सहित सुहाग का पूरा सामान चढ़ाए। वहीं चतुर्मुखी दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने वाली लड़कियों के विवाह में जो भी बाधाएं आएंगी उसका निवारण जरूर होगा।

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