राजा-महाराजाओं के पसंदीदा व्यंजनों से फिर सजी शाही शाम, रामपुर रियासत के मशहूर पकवान बने यहां खासी पसंद

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kings gathering

रामपुर। 1857 से 1947 तक रियासतों में नवाबों और महाराजाओं की पसंद रहे व्यंजनों को दिल्ली के आईटीसी मौर्या में सामने लाकर शाही शाम को दोहराया गया। रियासतों के वंशजों ने संस्कृति और विरासत की झलक पेश की। इसमें रामपुर रियासत के शाही पकवानों को विशेष महत्व मिला।

स्वतंत्रता के बाद भारत की रियासतों का अस्तित्व भले ही समाप्त हो गया, लेकिन अपनी जीवन शैली और शासन के तरीकों को लेकर नवाब और महाराजा आज भी सुर्खियां बटोरते हैं। इसी सप्ताह दिल्ली के एक बड़े होटल में इन रियासतों के शाही व्यंजनों को पुर्नजीवित कर शाही शाम मनाई गई। इसमें देश की सात रियासतों के वंशजों ने भाग लिया। रामपुर के नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के अलावा कश्मीर की राजकुमारी ज्योत्सना कुमारी, कांगड़ा (हिमाचल) के राजकुमार अंबीकेश्वर कटोच व शैलजा कटोच, सैलाना (मध्यप्रदेश) के महाराजा विक्रम सिंह व महारानी चंद्राकुमारी, सालारजंग (हैदराबाद) की कुंवररानी कल्सुम बेगम, भैंसोरगढ़ (राजस्थान) के कुंवर हेमेंद्र सिंह व कुंवररानी वृंदाकुमारी तथा अखेराज रियासत के अक्षराज जोधा ने अपनी अपनी रियासत के शाही पकवान बनवाए और मेहमानों के सामने पेश किए।

शाही व्यंजनों को एक बार फिर खाने की टेबिल पर परोसने में आईटीसी मौर्या की शेफ मनीषा भसीन और जीएम जुबिन सोंगडवाला की प्रमुख भूमिका रही। आयोजन को लेकर रामपुर रियासत के वंशज पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि इस मौके पर रामपुर की मशहूर डिश बोंगा निहारी, तीन तह वाली बिरयानी, तार गोश्त, जाफरानी मुर्ग, शाह पसंद दाल, गुलत्थी, किंवामी सिंवइयां, ​सींख कबाब और कच्चे गोश्त की टिकिया को काफी पसंद किया गया। अन्य रियासतों के पकवान भी खूब सराहे गए।

रियासतों के इन पकवानों ने बढ़ाया जायका

सैलानाः सींख कबाब कोरमा

सालारजंगः गोश्त खड़ा मसाला

shahi food

भैंसोरगढ़ः मकई के कान

अखेराजः आमला मुर्ग

कांगड़ाः मुकंदवाड़ी

कश्मीरः मिर्ची गोश्त

रामपुरः बोंगा निहारी

(इनके अलावा सात रियासतों के सौ पकवान शाही शाम में सजाए गए)

शाही शाम के यह थे खास मेहमान

रामपुर में शाही परिवार के केंद्र नूरमहल के प्रवक्ता काशिफ खान ने बताया कि इस कार्यक्रम में नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के आमंत्रण पर कई खास मेहमान पहुंचे थे, जिनमें प्रमुख रूप से भारत में बुल्गारिया के राजदूत पेटकोव डोयकोव, अर्नोड गेसपार्ट, जस्टिस श्रीष अग्रवाल, महारानी राजेश्वरी राज्यलक्ष्मी आफ जैसलमेर, महाराजा बृजराज सिंह, कुंवररानी पुष्पिता सिंह, कुंवर किशोर सिंह, फैशन डिजाइनर असलम खान, राजकुमारी यदुनंदनी सिंह, राजकुमार नृपेंद्र शाह, राजकुमारी गीतांजलि शाह व दिनराज प्रताप सिंह मौजूद रहे।

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