लखनऊ, 21 मार्च : रवीन्द्रालय में साहित्य और परंपरा का अनोखा संगम, मेला कल समाप्तलखनऊ, 21 मार्च 2026: आज विश्व पुतुल दिवस (World Puppetry Day) के अवसर पर लखनऊ पुस्तक मेला में रंग-बिरंगे कठपुतली नृत्य और खेलों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रवीन्द्रालय, चारबाग में चल रहे इस 10 दिवसीय मेले का आज नवां दिन था, जहां ईद की छुट्टी के कारण किताब प्रेमी देर रात तक जुड़े रहे।
मुख्य आकर्षण: कठपुतली का जादू
- काफिला नाट्य संस्थान के कलाकारों ने मेराज आलम के निर्देशन में शानदार कठपुतली प्रदर्शन किया।
- परंपरागत कठपुतली कलाकार नौशाद ने भी अपनी कला से मेले को समृद्ध किया।
- यह प्रदर्शन पारंपरिक लोक कला को नई पीढ़ी से जोड़ने का खूबसूरत प्रयास रहा।
साहित्यिक कार्यक्रमों की झड़ी
- कलम से कम्प्यूटर परिचर्चा में डॉ. सुधाकर अदीब ने विचार रखे।
- रमाकांत श्रीवास्तव स्मृति संस्थान की ओर से नमन के भाव सुमन और रससिद्ध कवि क्रांतिकारी हितैषी का विमोचन।
- मिथिलेश दीक्षित की किताब मेरा साक्षात्कार का लोकार्पण, जिसमें डॉ. अमिता दुबे, अलका प्रमोद, करुणा पाण्डे, सुशील अवस्थी और विनय श्रीवास्तव मौजूद रहे।
- प्रो. नरेशचन्द्र त्रिपाठी की पुस्तक एक राम अनेक आयाम का विमोचन, जहां डॉ. विद्या विंदु सिंह, दयानंद पांडेय, डॉ. विश्वम्भर शुक्ल, प्रो. उमाशंकर शुक्ल शितिकण्ठ, प्रद्युम्न तिवारी और विनय दास ने विचार साझा किए।
- आलोक दुबे के कथा संग्रह का भी लोकार्पण हुआ।
बता दें कि मेला कल 22 मार्च को समाप्त होगा। साहित्य, संस्कृति और परंपरा का यह मेला लखनऊवासियों के लिए यादगार साबित हुआ, जहां किताबों के साथ-साथ जीवंत कला प्रदर्शन ने भी चार चांद लगा दिए!







