विजेताओं को जीवनभर में एक बार मिलने वाला मौका मिला, फेमिना मिस इंडिया 2018 के ग्रैंड फिनाले में सीधे प्रवेश पा सकेंगी
नई दिल्ली,03 मई। फेमिना मिस इंडिया नॉर्थ 2018 आयोजन गुरूवार, 12 अप्रैल को धूम-धाम से अनंत ग्लैमर के साथ पूरा हुआ। यह आयोजन दि लीला एमबियंस कनवेंशन होटल दिल्ली में हुआ। भारत की सबसे प्रतिष्ठित और साख वाली सौंदर्य प्रतियोगिता उत्तर क्षेत्र में आठ राज्यों – मध्य प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विजेताओं को मिस इंडिया 2018 के ग्रैंड फिनाले में सीधे प्रवेश का जीवनभर में एक बार मिलने वाला मौका देती है। इस बार ग्रैंड फिनाले का आयोजन जून में मुंबई में होने वाला है।

विजेताओं में मध्य प्रदेश की सुश्री मीना अहिर, जम्मू और कश्मीर की सुश्री मल्लिका कपूर, दिल्ली की सुश्री गायत्री भारद्वाज, हरियाणा की सुश्री मीनाक्षी चौधरी, पंजाब की सुश्री अन्ना क्लेर, हिमाचल प्रदेश की सुश्री स्वाति ठाकुर, उत्तराखंड की सुमिता भंडारी और उत्तर प्रदेश की सुश्री हिमांशी शामिल हैं।
निर्णायकों में शामिल थे : नेहा धूपिया, अभय देयोल, पत्रलेखा मिश्रा पॉल, विजेन्दर सिंह और आशीष सोनी।

प्रत्येक जोन को एक सेलीब्रिटी मेनटॉर होंगे के नेतृत्व में रखा गया था और उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वे अपने जोन से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा का चुनाव करें। इसके साथ ही प्रतियोगियों को गाइड करें उनके साथ अपने अनुभव साझा करें। उत्तर क्षेत्र के लिए कार्यवाही का चार्ज फेमिना मिस इंडिया 2002 नेहा धूपिया के पास था।
इस मौके पर गुरु रांधवा और मानसी स्कॉट्ट की मनोरंजक और जोरदार प्रस्तुति रही जिसे दर्शकों ने मंत्रमुग्ध होकर देखा और पूरे समय सराहा।
लड़कियों को दो मुश्किल राउंड से गुजरना पड़ा जो इस प्रकार था :-
- एफबीबी राउंड – इस राउंड में लड़कियां एफबीबी एथनिक वीयर में थीं। यह क्लासिक मोनोटोन का एक समकालीन कलेक्शन पेश करता है। इनमें स्टेटमेंट स्ट्राइप्स से लेकर चेक्स और बारीक ज्यामीतिय प्रिंट हैं जो बोल्ड और ब्राइट रंगों, जीवंत प्रिंट और रंगारंग सिलुएट में शानदार लगते हैं।
- पायल सिंघल इंग्लीश गार्डन कलेक्शन – अंग्रेजों के शासन के जमाने में अंग्रेज के साथ गर्मी की शाम की चाय से प्रेरित इस कलेक्शन में लक्जरीयस सिल्क, जामवर और ब्रोकेड्स हैं जिन्हें नाजुक ऑरगंजा और लेस आदि से सजाया और बनाया गया है। इसके रंग भी अंग्रेजों के जमाने वाले हैं पेल रोज, पावडर ब्लू और मिन्ट आदि। मुकैश, जरदोजी और फिलिग्री जैसी कढ़ाई को समकालीन तकनीक से बनाया गया है और यह सब आधुनिक भारतीय सिलुएट पर है।







