प्रिंट मीडिया कर्मी खफा, मीडिया में बीजेपी का ग्राफ गिरा

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पत्रकार बोले, मूडीज की रेटिंग सिर्फ छलावा


पत्रकारों पर अन्याय देख लोग बीजेपी से खफा


लखनऊ 21 नवंबर। उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में पत्रकारों ने एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है, उन्होंने मोहल्लों और वार्डों में लोगों से मुलाक़ात कर मूडीज को बीजेपी का प्रोपेगेंडा बताया। कहा अगर सब कुछ सही है तो आपके व्यापार में बढ़त क्यों नहीं। लोगों ने स्वीकारा कि बीजेपी लोगों को छल रही है। असर अब दिखने लगा है। जनमानस बीजेपी के खिलाफ अब अपनी बात रख रहा है। लोगों ने पत्रकारों पर हो रहे अन्याय के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। पत्रकारों की अपील पर लोग बीजेपी के खिलाफ वोट करने के मूड में है। लोग सपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को समर्थन कर रही है। 

बीजेपी की मीडिया कवरेज घटी

लगातार प्रिंट मीडिया कर्मियों पर हो रहे अत्याचार का असर अब साफ देखा जा सकता है। मीडिया कवरेज के नाम पर कांग्रेस, सपा को बीजेपी से ज्यादा स्थान मिल रहा है। प्रिंट मीडिया में काम करने वाले पत्रकारों की नाराजगी से प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीजेपी को काफी कम स्थान मिल रहा है। क़रीब 5 हजार पत्रकार मजीठिया वेज बोर्ड की मांग के चलते प्रिंट मीडिया से निकाले जा चुके हैं। और उनमें से ज्यादातर पत्रकार अब इलेट्रॉनिक मीडिया की ओर रुख कर चुके है।

कैसे हो रहा विरोध

 उत्तर प्रदेश के पत्रकारों ने ‘भाजपा हराओ, मजीठिया पाओ’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया है। लगातार 24 घंटे सक्रिय होकर इस ग्रुप में भाजपा को हराने की रणनीति तैयार की जा रही है। इस ग्रुप में दैनिक जागरण, अमर उजाला,  टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान और हिन्दुतान टाइम्स समेत कई बड़े अखबार के पत्रकार सदस्य हैं।

क्या है मामला

प्रिंट मीडिया में देश भर के पत्रकारों को मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वर्ष 2011 से वेतन मिलना था। देश भर के पत्रकार अपना वाजिब मेहनताना मांगते रहे लेकिन कंपनी मालिकों का दिल आज तक नहीं पसीजा। इसमें श्रम विभाग भी पूरी तरह अखबार मालिकों के साथ खड़ा दिखा। जिस पत्रकार ने मजीठिया वेज बोर्ड की मांग की उसे या तो नौकरी से निकल दिया गया या फिर इतना परेशान किया गया कि वह स्वतः नौकरी छोड़ने को मजबूर हो गया। उत्तर प्रदेश के करीब 50 हजार पत्रकारों ने अब अपनी मजीठिया वेज बोर्ड की मांग को लेकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

देखें पिछली खबर:

पत्रकारों ने चलाया अभियान, मजीठिया नहीं तो भाजपा को वोट नहीं

1 COMMENT

  1. बीजेपी भ्रस्टाचार खत्म करने की बात करती है , उसने पत्रकारों के पक्ष में सुनाये गये सुप्रीम कोर्ट के जायज फैसले को मीडिया मालिकों पर लागू नहीं करवा कर यह साफ कर दिया है कि वह मीडिया मालिकों के साथ खड़ी है अब वह भ्रस्टाचार खत्म नहीं अौर बढ़ाना चाहती है।

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