लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीती देेर शाम प्रदेश के विभिन्न शहरों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के संबंध में एक बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों में कूड़ा जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लगाया जाए। इसके अलावा सड़कों पर वाहनों से उड़ने वाली धूल-मिट्टी से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम तथा फायर ब्रिगेड के टैंकरों से पानी का छिड़काव करवाया जाए।
उन्होंने सूचना विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि एफएम तथा कम्युनिटी रेडियो के माध्यम से कूड़ा, कृषि अपशिष्ट न जलाने तथा वाहन प्रदूषण को रोकने के संबंध में 15 जनवरी 2018 तक जागरूकता अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने में ट्रैफिक जाम की बहुत बड़ी भूमिका होती है। इसलिए ट्रैफिक का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि जाम न लगे और वाहन प्रदूषण कम हो। वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। इसके लिए पुराने वाहनों की स्थिति की समीक्षा की जाए और पुराने वाहनों को आवश्यकता पड़ने पर हटाया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि अपशिष्ट को जलाने से रोकने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देशित किया जाए और किसानों व जनता में इसके प्रति जागरूकता लायी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ मेट्रो निर्माण जहां भी सड़क किनारे ट्रेंच खोदी गई हैं, उन्हें तत्काल भर दिया जाए, ताकि वहां से धूल न उड़े और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सके।






