नई दिल्ली : ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव अब सिर्फ क्षेत्रीय युद्ध नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला रहा है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस जंग पर सबसे सख्त और व्यावहारिक बयान दिया है। साथ ही वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की आर्थिक उम्मीदों को धक्का देते हुए ग्रोथ अनुमान घटा दिया है।
मेलोनी का सीधा हमला: “महंगाई बढ़ रही, जंग तुरंत बंद हो!”
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा: “हमारे यहां महंगाई बुरी तरह से बढ़ रही है। तेल और गैस की उपलब्धता मुश्किल होने लगी है। किसी एक देश की मर्जी के लिए हम अपने राष्ट्रीय हितों को सूली पर नहीं टाँगेंगे। जितनी जल्दी हो जंग बंद हो, ताकि दुनिया की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ इटली की इकोनॉमी भी चैन की सांस ले सके।”
मेलोनी का यह बयान यूरोप में बढ़ती महंगाई और ऊर्जा संकट की हकीकत बयान कर रहा है। इटली जैसे देश जो रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहले ही तेल-गैस के दबाव में थे, अब मध्य पूर्व के तनाव से और परेशान हैं।
भारत पर पड़ा गहरा असर: Moody’s ने GDP ग्रोथ अनुमान घटाया
वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को देखते हुए भारत के नए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि (GDP ग्रोथ) का अनुमान 6.8% से घटाकर 6% कर दिया है।
मूडीज रिपोर्ट की बड़ी चेतावनी
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि ईरान युद्ध के कारण तेल आपूर्ति में बाधा, ईंधन कीमतों में उछाल और महंगाई का खतरा बढ़ गया है। इससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश की घरेलू खपत, औद्योगिक गतिविधियां और निवेश प्रभावित होंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य पर कोई भी रुकावट भारत की अर्थव्यवस्था को सीधा झटका देगी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साया
मेलोनी का बयान और मूडीज की रिपोर्ट एक साथ ये संकेत दे रही हैं कि मध्य पूर्व का युद्ध अब सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि आर्थिक युद्ध भी बन चुका है। यूरोप महंगाई से जूझ रहा है तो भारत की विकास गति धीमी पड़ रही है।
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