लखनऊ। गोमतीनगर में हुए तारिक हत्याकांड की तफ्तीश में लगी स्पेशल टास्क फोर्स और गोमतीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध रायफल के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व नेता को गिरफ्तार किया है। आरोपित युवक मुन्ना बजरंगी का बेहद करीबी माना जा रहा है। आरोपित युवक के अनुसार रायफल का लाइसेंस नागालैण्ड का है। जबकि गोमतीनगर पुलिस का दावा है कि बरामद हुई रायफल का लाइसेंस फर्जी है। हालांकि एसटीएफ पकड़े गए अभियुक्त से पूछताछ कर रही है। एसटीएफ के अनुसार आरोपित पर पुलिस को पूर्व से शंका था। एसटीएफ आरोपित की तलाश में थी। गुरूवार रात्रि सर्विलांस के जरिए आरोपित की लोकेशन गोमतीनगर इलाके के सहारा ओवरब्रिज के पास आई थी। एसटीएफ टीम ने गोमतीनगर पुलिस से संपर्क किया और तत्परता दिखाते हुए ओवरब्रिज के दोनों ओर घेराबन्दी पहले से ही घेराबन्दी कर ली थी। भारी पुलिस बल देख आरोपित भागने का प्रयास करने लगा। इस पर पुलिस ने आरोपित को दौड़ाकर दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से .315 की रायफल बरामद हुई है।
इसके अलावा 10 कारतूस भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि उक्त रायफल का लाइसेंस नागालैण्ड का सूरज सिंह पुत्र राजेश कुमार के नाम है। बताया जा रहा है हेमन्त कुमार लखनऊ विश्व विद्यालय में छात्रसंघ का पूर्व नेता है। बताया जा रहा है कि हेमन्त वर्तमान में भी लविवि का छात्र है और जानकीपुरम इलाके में सहारा स्टेट में रहता है। हेमन्त सिंह मुन्ना बजरंगी का खास गुर्गा बताया जा रहा है। बिजली विभाग के ठेकेदार तारिक की हत्या में हेमन्त भी शक के दायरे में था।
तारिक की हत्या के बाद एसटीएफ ने हेमन्त को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। तमाम साक्ष्य जुटाने के बाद हेमन्त पर लगे आरोप साबित नहीं हो सके थे। इस पर एसटीएफ ने हेमन्त को बा-इज्जत बरी कर दिया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो तारिक और हेमन्त के बीच गहरी दोस्ती थी। हेमन्त का अक्सर तारिक के घर आना-जाना भी था। ठेकेदारी और प्रापर्टी के काम में दोनों ही एक दूसरे का साथ देते थे। हालांकि पुलिस को आस थी हेमन्त से तारिक के हत्यारों तक पहुंचने का रास्ता काफी हद तक साफ हो जायेगा, लेकिन हेमन्त खुद भी तारिक की हत्या से अचंभित था। गोमतीनगर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपित हेमन्त के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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