नागर विमानन प्रोत्साहन नीति से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा: मुख्यमंत्री 

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file photo
इस नीति से व्यापार करने में सुविधा होगी, वहीं एयर कनेक्टिविटी की व्यवस्था होने से बड़े पैमाने पर पर्यटन का विकास होगा 
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत 05 वायु मार्गों को मंजूरी, प्रदेश सरकार अपने स्तर से लखनऊ को देहरादून, भोपाल, पटना तथा जयपुर से एयर कनेक्टिविटी के माध्यम से जोड़ने में सफल
वाराणसी से शारजाह की साप्ताहिक हवाई सेवा दैनिक सेवा में तब्दील
जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे अथाॅरिटी नोडल एजेंसी नामित
लखनऊ: 08 नवम्बर, 2017, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नागर विमानन प्रोत्साहन नीति से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे जहां व्यापार करने में सुविधा होगी, वहीं एयर कनेक्टिविटी की व्यवस्था होने से बड़े पैमाने पर पर्यटन का विकास भी होगा। उन्होंने कहा कि इस नीति में राजधानी लखनऊ को अन्य राज्यों की राजधानियों से जोड़ने के साथ-साथ लखनऊ को उत्तर प्रदेश के मण्डल मुख्यालयों से वायु सेवा के माध्यम से जोड़ने को प्राथमिकता दी गई है। क्षेत्रीय सम्पर्क योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है कि इस योजना के तहत प्रदेश के बड़े नगरों में हवाई अड्डे की सुविधा विस्तार में समयबद्ध कार्रवाई की जाए। ज्ञातव्य है कि वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा छोटे-छोटे नगरों को वायु सेवा से जोड़ने के लिए क्षेत्रीय सम्पर्क योजना (आरसीएस) संचालित की जा रही है।
मुख्यमंत्री जी प्रदेश सरकार द्वारा सितम्बर, 2017 में प्रख्यापित की गई नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017 के तहत अब तक की गई प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। राजधानी लखनऊ को सभी मण्डल मुख्यालयों से हवाई सम्पर्क द्वारा जोड़े जाने की योजना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा प्रदेश के एक या दो स्थानों के विकास के लिए ही राज्य की जनता का पूरा संसाधन लगा दिया।
योगी जी ने जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए कार्य तेज करने का निर्देश देते हुए कहा कि इस परियोजना के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे अथाॅरिटी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। शीघ्र ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारम्भ करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार करने के लिए कन्सल्टेंट की चयन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रोड कनेक्टिविटी के साथ-साथ एयर कनेक्टिविटी पर बल दे रही है। इससे क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश के लिए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत 05 वायु मार्गों को मंजूरी मिल चुकी है, जिसके तहत आगरा, कानपुर, इलाहाबाद के लिए की गई बिडिंग में सफलता भी मिल चुकी है। कम समय में बेहतर यातायात के लिए प्रदेश सरकार अपने स्तर से लखनऊ को देहरादून, भोपाल, पटना तथा जयपुर से एयर कनेक्टिविटी के माध्यम से जोड़ने में सफल हुई है। इसी प्रकार वाराणसी-जयपुर के बीच उड़ान की शुरुआत हो चुकी है, जबकि 15 दिसम्बर, 2017 से आगरा-जयपुर के लिए वायु सेवा की शुरुआत प्रस्तावित है।
इस अवसर पर योगी जी को बताया गया कि अरब देशों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की उपस्थिति को देखते हुए वाराणसी से शारजाह की साप्ताहिक हवाई सेवा को अब दैनिक सेवा में तब्दील कर दिया गया है। वाराणसी से कोलम्बो के बीच हवाई सेवा प्रारम्भ हो गई है तथा वाराणसी से दिल्ली के मध्य एक फ्लाइट की वृद्धि की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा जिन 10 हवाई पट्टियों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, उनमें 08 प्रदेश सरकार के तथा शेष 02 सहारनपुर एवं झांसी रक्षा मंत्रालय के नियंत्रणाधीन हैं। ज्ञातव्य है कि आगरा, कानपुर चकेरी, बरेली, ललितपुर, झांसी, फैजाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, चित्रकूट आदि नगरों में आवश्यक भूमि का अधिकांश भाग उपलब्ध कराया जा चुका है।
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