नीतू सिंह
Join us for this year’s festivities as we celebrate Navratri: Invoking the nine forms of Goddess Durga.
During these festive days, we will delve deeper into the significance of Navratri: Invoking the nine forms of Goddess Durga.
शरद नवरात्रि का पावन पर्व आ गया है, जो हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण उत्सवों में से एक है। इस वर्ष नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलेगी, और दसवें दिन विजयादशमी 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पितृ पक्ष के एक दिन कम होने के कारण इस बार नवरात्रि में एक अतिरिक्त दिन जुड़ गया है, जिससे उत्सव और भी भव्य बनेगा। यह त्योहार माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का अवसर है, जो महिषासुर पर उनकी विजय का प्रतीक है – अच्छाई पर बुराई की जीत का संदेश देता है।
नवरात्रि का महत्व: आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक उमंग
As we celebrate Navratri: Invoking the nine forms of Goddess Durga, it is a time for reflection and devotion.
As we embrace the spirit of Navratri: Invoking the nine forms of Goddess Durga, let us also celebrate unity and devotion.
नवरात्रि शब्द ‘नौ रात्रियाँ’ से बना है, जो देवी दुर्गा और उनकी नौ शक्तियों की पूजा के लिए समर्पित है। पुराणों के अनुसार, ब्रह्मा, विष्णु और शिव ने मिलकर दुर्गा को रचा था, जिन्होंने नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध लड़ा। यह पर्व आत्म-शुद्धि, उपवास और भक्ति का समय है, जो आने वाले दिवाली के लिए मन को तैयार करता है। उत्तर भारत में राम ने रावण वध से पहले दुर्गा की आराधना की थी, जबकि पश्चिम बंगाल और गुजरात में गरबा-डांडिया की धूम मचती है। इस वर्ष, भक्त घरों में कलश स्थापना करेंगे, व्रत रखेंगे और मंत्रों से देवी का आह्वान करेंगे।
This year, we will honor Navratri: Invoking the nine forms of Goddess Durga with various rituals and celebrations.
नौ दिनों के रंग और देवियाँ:

हर दिन एक नया संदेशनवरात्रि के प्रत्येक दिन एक विशेष देवी और रंग समर्पित होता है, जो आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। नीचे तालिका में 2025 की नवरात्रि का कैलेंडर दिया गया है:
इन रंगों को पहनने से देवी की कृपा प्राप्त होती है। प्रत्येक दिन विशेष प्रसाद जैसे खीर, हलवा या फल चढ़ाए जाते हैं।
पूजा विधि: घर पर सरल तरीके से करें आराधना
नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना से होती है। स्वच्छ स्थान पर मंगल कलश स्थापित करें, जिसमें जल भरकर सुपारी, सिक्का और दूर्वा डालें। फिर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और आरती गाएं। व्रत में फलाहार लें, तामसिक भोजन से परहेज करें। मंदिरों में जागरण रात्री भर चलते हैं, जहां भजन-कीर्तन की धुन पर थिरकते हैं भक्त।
These rituals help us connect with Navratri: Invoking the nine forms of Goddess Durga on a spiritual level.
- क्षेत्रीय विविधता: गुजरात से बंगाल तक की झलकगुजरात: गरबा और डांडिया रास की रौनक, जहां महिलाएं चनिया-चोली में नाचती हैं।
- पश्चिम बंगाल: दुर्गा पूजा के पंडालों में भव्य मूर्तियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- उत्तर भारत: कन्या पूजन और रामलीला का आयोजन।
- इस वर्ष, कोविड के बाद उत्साह दोगुना है, और ऑनलाइन लाइव पूजा भी उपलब्ध हैं।
नवरात्रि हमें सिखाती है कि दृढ़ संकल्प से हर बाधा पार की जा सकती है। माँ दुर्गा की कृपा से सभी के जीवन में शुभता आए– नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!
Let us gather in devotion and celebrate Navratri: Invoking the nine forms of Goddess Durga together.







