Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, August 4
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Interview

    Interview: टीबी के प्रति भी कोरोना की तरह ही लोगों का रहना होगा जागरूक: रवि किशन

    By March 30, 2020 Interview No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 617

    2019 में लगभग 4.8 लाख टीबी मामलों की सूचना उत्तर प्रदेश सरकार को दी गई है, जबकि इसके पिछले साल 2018 में यह संख्या 4.2 लाख थी। विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी मामलों की संख्या में यह वृद्धि एक सकारात्मक बदलाव है क्योंकि टीबी मामलों की पहचान और उनकी सूचना दिये जाने की प्रक्रिया में सुधार हुआ है। सूचित किये गये कुल मामलों में से 1.6 लाख मरीज़ों (33%) की सूचना निजी क्षेत्र से प्राप्त हुई, जबकि शेष 3.2 लाख सार्वजनिक अस्पतालों में सूचित किये गये। वर्ष 2018 में निजी क्षेत्र से 1 लाख मरीज़ (25%) राज्य में सूचित किये गये थे। ऐसे में स्वास्थ्य एवं पोषण के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने वाले गोरखपुर के सासंद रवि किशन ने कुछ इस तरह दिए सवालों के जवाब-

    प्रश्न 1- रवि किशन जी, जनप्रतिनिधि होने से पहले भी आप बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करते रहें है। इसीलिए, आने वाले 24 मार्च को क्षय रोग दिवस यानि वर्ल्ड टीबी डे को मंनाये जाने के बारे में आप क्या कहना चाहेगे ?

    उत्तर 1- ट्यूबरक्लोसिस यानी टीबी, कोविड-19 की ही तरह एक संक्रामक रोग है। यह भी उसी तरह फैलता है- यानी संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकली बूंदों के द्वारा और इसके लिए भी वही सावधानियां बरतनी होती हैं जैसे खांसते समय मुंह ढकना, निरंतर हाथ धोना आदि। जो चीज भिन्न है वह ये है कि टीबी बहुत पुराना रोग है, जिसका उपचार संभव है लेकिन फिर भी यह उत्तर प्रदेश में हर साल 4.80 लाख से अधिक लोगों को प्रभावित करता है। टीबी के शुरुआती लक्षण होते हैं- दो हफ्तों से ज्यादा खांसी रहना, बलगम में खून आना, कमजोरी व थकान, वज़न घटना, भूख में कमी और हल्का बुखार।

    प्रश्न 2- टीबी के उन्मूलन में आड़े आने वाली चुनौतियाँ कौन कौन सी हैं ?

    उत्तर 2- टीबी के उन्मूलन में आड़े आने वाली सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है- जागरुकता की कमी। सही एवं पूर्ण उपचार से इस रोग को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। लेकिन फिर भी टीबी रोगियों को अलग-थलग कर दिया जाता है और आम तौर लोगों की धारणा यह है कि इसका इलाज नहीं हो सकता। टीबी के शारीरिक प्रभाव तो होते ही हैं साथ ही इससे प्रभावित लोगों को सामाजिक,मानसिक और आर्थिक कठिनाईयां भी सहनी पड़ती हैं।

    प्रश्न 3 – एक जन प्रतिनिधि और लोगों के रोल मॉडल होने के तौर पर अपने क्षेत्र के लोगों को टीबी जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए आपके स्तर पर कौन सी रणनीति अपनाई जा रही है ?

    उत्तर 3- टीबी उन्मूलन की दिशा में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाना है, जिसमें लक्ष्य के प्राप्ति के लिए क्रॉस-सेक्टोरल दृष्टिकोण रखने की आवश्यकता है और हम जनप्रतिनिधियों को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जिससे टीबी उन्मूलन की नीतियों को अमल में लाया जाए और लोगों को वास्तव में लाभ प्राप्त हों जिसके वे अधिकारी हैं । जिला स्तर पर इन नीतियों को अमल में लाने वाले अधिकारियों के साथ मिलकर मैं काम कर रहा हूं ताकि समझ सकूं कि उनके सामने क्या चुनौतियां हैं और टीबी के बारे में जागरुकता बढ़ाने की कोशिश में सहायता दे सकूं । जल्दी ही मैं, गोरखपुर में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करुंगा जिसमें जिला प्रशासन के साथ बातचीत कर के जानूंगा कि मैं उन्हें और क्या सहयोग दे सकता हूं। साथ मिलकर काम कर के हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि 2025 तक हम इस बीमारी को देश से मिटा डालें। इसके साथ ही मैं समय समय पर लोगों के बीच जाकर टीबी रोग और इससे बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करता हूँ ।

    प्रश्न 4 – सांसद जी, आपके व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर, अभी भी समाज में टीबी मरीजों के प्रति समुदाय का दृष्टिकोण क्या है और उसमें किस प्रकार सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है ?

    उत्तरः जैसा कि मैंने पहले कहा, टीबी रोग के बारे में जानकारी के अभाव के चलते इसके मरीज़ों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है। अफसोस है कि जानकारी व जागरुकता की कमी और गलतफहमियों के कारण टीबी रोगियों को समाज की उपेक्षा सहनी पड़ती है | टीबी के बारे में जो मिथक हैं उनमें सबसे आम यह है कि टीबी का उपचार मुमकिन नहीं तथा यह भी कि यह गरीबों की बीमारी है। मैं यहां यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि टीबी का पूरी तरह उपचार संभव है। यदि मरीज सही और नियम के साथ उसे पूरा करे तो टीबी पूरी तरह ठीक हो जाता है। दूसरी बात, टीबी अमीर-गरीब किसी को भी हो सकता है। यदि आप को याद हो तो पांच साल पहले सरकार ने ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ अभियान शुरु किया था उस अभियान का चेहरा और आवाज़ बने देश के सबसे बड़े फिल्म अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन है और उन्होंने देश को बताया था कि एक समय उनको भी टीबी थी जिस पर उन्होंने विजय प्राप्त की । तो इस तरह से यह विचार कि टीबी सिर्फ गरीब आदमी की बीमारी है बिल्कुल गलत है। इसीलिए हमें इस रोग के बारे में जागरुकता बढ़ाने के अपने प्रयास जारी रखने होंगे।

    प्रश्न 5 – आप सरकार की योजनाओ से भलीभांति परिचित हैं। टीबी रोगियों के इलाज हेतु पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकार क्या कर रही है?

    उत्तर 5- भारत सरकार ने टीबी उन्मूलन को प्राथमिकता पर रखा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने तय किया है कि हम वैश्विक लक्ष्यों वर्ष 2030 से पहले वर्ष 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त कराना है। सरकारी तंत्र टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तत्परता और क्षमता से काम कर रही है। इस दिशा में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए कई नए अहम हस्तक्षेप किए गए हैं। जैसे – प्राइवेट सेक्टर व सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले रोगियों के लिए नि:शुल्क डायग्नोसिस व उपचार। एक और नीतिगत बदलाव जो लाया गया है वह है, टीबी रोगियों को सामाजिक सहयोग। जैसा कि हमने पहले बात की थी टीबी के कई सामाजिक निर्धारक भी हैं। लेकिन टीबी से जुड़ा सबसे अहम कारक है कुपोषण। इसका हल करने के लिए सरकार ने निक्षय पोषण योजना आरंभ की है। इस योजना के अंतर्गत जिन टीबी मरीजों का उपचार चल रहा है उन्हें पोषण में मदद देने के लिए प्रति माह 500 रुपए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर यानि टीबी मरीजों के खाते में सीधे पोषण हेतु धनराशि जमा की जा रही है। साथ ही सभी टीबी रोगियों की पहचान करने व उनके लिए स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग समय- समय पर घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान की कवायद करता है जिनमें टीबी के लक्षण दिखाई दे रहे हों। हाल ही में हमारे मुख्यमंत्री ने समुदाय के हर वर्ग तक स्वास्थ्य और पोषण के साथ टीबी डायग्नोसिस एवं इलाज की सेवाएं भी हर रविवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से मुहैया कराई जा रही हैं। जिससे लाभाथियों को वहीँ पर प्रथम उपचार व सलाह और संदर्भन किया जा सके, जिससे उनकी भागदौड़ और आर्थिक क्षति में कमी लाई जा सके। हम प्राइवेट सेक्टर के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को वित्तीय प्रोत्साहन भी दे रहे हैं ताकि वे टीबी के मामलों की सूचना दर्ज कराएं और उनके इलाज के नतीजों के बारे में भी जानकारी दें।

    प्रश्न 6- हमारे समाचार पत्र के माध्यम से पाठकों को कोई सन्देश ?

    उत्तर 6- आपके माध्यम से, मैं हर एक व्यक्ति से यह आग्रह करता हूं कि अगर आप में टीबी का कोई भी लक्षण दिखाई देता है जैसे दो हफ्तों से ज्यादा खांसी, लगातार हल्का बुखार, भूख न लगना तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। कोविड-19 की ही तरह देश पर से टीबी का बोझ घटाने के लिए सर्वश्रेष्ठ तरीका यह है कि शीघ्र डॉक्टर की सलाह ली जाए और सही इलाज नियम के साथ पूरा किया जाए।

    #रवि किशन

    Keep Reading

    Fraud at Kashi Vishwanath in the name of VIP darshan; police facilitate refund.

    काशी विश्वनाथ में VIP दर्शन के नाम पर ठगी, पुलिस ने दिलाए पैसे वापस

    UP PET 2026: Applications for Group G recruitments begin on August 3.

    यूपी पीईटी 2026: ग्रुप जी भर्तियों के लिए 3 अगस्त से आवेदन शुरू

    Lieutenant General J. Debnath took over command of the AMC Centre and College.

    लेफ्टिनेंट जनरल जे. देबनाथ ने संभाला एएमसी सेंटर एवं कॉलेज का कमान

    The Assembly Speaker stated—only by understanding the rules can you become the voice of the people.

    विधानसभा प्रमुख बोले – नियम जानोगे तभी जनता की आवाज़ बन पाओगे

    Tribute meeting and free dental camp on Dr. Kalam's death anniversary.

    डॉ. कलाम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा और निःशुल्क डेंटल कैंप

    Physics gold medalist Srishti Kandari ends her life; case registered against husband, mother-in-law, and sister-in-law.

    भौतिक विज्ञान गोल्ड मेडलिस्ट सृष्टि कंडारी ने दी जान, पति-सास-बहन पर केस

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Fraud at Kashi Vishwanath in the name of VIP darshan; police facilitate refund.

    काशी विश्वनाथ में VIP दर्शन के नाम पर ठगी, पुलिस ने दिलाए पैसे वापस

    August 3, 2026

    दोस्त : इस ज़माने में दोस्ती ले – दे के बची है थोड़ी-बहुत

    August 2, 2026
    UP PET 2026: Applications for Group G recruitments begin on August 3.

    यूपी पीईटी 2026: ग्रुप जी भर्तियों के लिए 3 अगस्त से आवेदन शुरू

    August 2, 2026
    India's Golden Burst at the Commonwealth Games: Boxing Makes History, Neeraj Shines Again

    कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का स्वर्णिम धमाका: मुक्केबाजी ने रचा इतिहास, नीरज ने फिर कमाल दिखाया

    August 2, 2026
    Lieutenant General J. Debnath took over command of the AMC Centre and College.

    लेफ्टिनेंट जनरल जे. देबनाथ ने संभाला एएमसी सेंटर एवं कॉलेज का कमान

    August 2, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading