- अभी तक कानून के तहत 3 मंजिल व उससे ऊपर को माना जाता था मल्टीस्टोरी
- पूरे प्रदेश में नया कानून पारित होने से प्रदेश के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अब नही उठानी पडेगी अनावश्यक समस्यायें
लखनऊ,12 जनवरी। उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा गठित विद्युत वितरण संहिता पुनर्विलोकन पैनल सब कमेटी की बैठक आज नियामक आयोग अध्यक्ष एस के अग्रवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी जिसमें पैनल के सचिव विकास चन्द्र अग्रवाल, प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से पैनल के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा अध्यक्ष राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद, विजय कुमार निदेशक वितरण, पावर कारपोरेशन सहित बिजली कम्पनियों के अनेकों अधिकारी उपस्थित थे। नियामक आयेाग के पास पूरे प्रदेश से मल्टीस्टोरी के मामले में बडे पैमाने पर शिकायतें आ रही थी कि जब घरेलू उपभोक्ता 3 तल या उससे ऊपर के भवन का निर्माण कराता है तो उसे बडे पैमाने पर परेशान किया जाता था। जिस पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा आज पुराने कानून में संशोधन कर नया कानून पारित कर दिया गया।
नया संशोधन:
नियामक आयोग द्वारा गठित सब कमेटी ने आज विद्युत वितरण संहिता 2005 में मल्टीस्टोरी मामले में एक नया संशोधन कर दिया है। अभी तक मल्टीस्टोरी के मामले में 3 मंजिल व उससे ऊपर भवन को मल्टीस्टोरी माना जाता था और उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर सहित अन्य चार्ज का भुगतान करना पडता था। अब प्रदेश में लागू होने वाले नये कानून के तहत मल्टीस्टोरी के मामले में बेसमेन्ट को हटाकर 4 मंजिल से ऊपर भवन को ही मल्टीस्टोरी माना जायेगा। जिससे उपभोक्ताओं को बडा लाभ होना तय है।
घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं का उत्पीडन रूक जायेगा: अवधेश कुमार वर्मा
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अब नये कानून बनने के बाद बडे पैमाने पर उन घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं का उत्पीडन रूक जायेगा जो अपने मकान में 3 मंजिल से ऊपर जब निर्माण करते थे तो बिजली अभियन्ता उन्हें परेशान करने के लिये उनसे ट्रांसफार्मर सहित अन्य चार्ज का भुगतान करने के लिये विवश करते थे। अब इस नये कानून बनने के बाद बडे पैमाने पर पूरे प्रदेश में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान हो जायेगा।







