संघर्ष समिति ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, कहा पदोन्नति में आरक्षण बिल अविलम्ब करायें पास

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  • संघर्ष समिति ने उठाया मुद्दा कहा भाजपा द्वारा मा. राष्ट्रपति जी को दलित समाज से निर्वाचित कराना सराहनीय लेकिन दलितों के संवैधानिक अधिकार पर क्यों साध रखी है चुप्पी?
  • संघर्ष समिति का आरोप भाजपा दलित समाज को नहीं देना चाहती उसका संवैधानिक अधिकार वोट की राजनीति के लिये कर रही है हर स्तर पर उसका उपयोग। 
पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल लोकसभा से पास कराने को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र की ओर से आज एक ज्ञापन देश के मा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को भेजते हुए यह मांग उठायी गयी है कि पदोन्नति में आरक्षण बिल इसी मानसून सत्र में पारित कराया जाये। संघर्ष समिति द्वारा भेजे गये ज्ञापन में यह मुद्दा उठाया गया कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति पद हेतु दलित वर्ग से मा. श्री रामनाथ कोविंद जी को निर्वाचित कराया, निश्चित ही सराहनीय कदम है। परन्तु वहीं दूसरी ओर दलितों के सबसे बड़े संवैधानिक हक वाले पदोन्नति बिल पर भाजपा की चुप्पी भारतीय जनता पार्टी की दलित विरोधी नीति का खुलासा कर रहा है।
वर्तमान में पूरे देश के दलित समाज में इस बात पर चर्चा है कि देश का प्रथम नागरिक का निर्वाचन भाजपा द्वारा दलित समाज से कराया जा सकता है? तो बाबा साहब द्वारा बनायी गयी संवैधानिक व्यवस्था के तहत प्रदत्त पदोन्नति बिल को क्यों लम्बित रखा गया है? कहीं यह भाजपा की कोई सोची समझी दूरगामी राजनीतिक चाल तो नहीं।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, डा. रामशब्द जैसवारा, अन्जनी कुमार, जितेन्द्र कुमार, श्रीनिवास राव व सुनील कनौजिया ने कहा कि लोकसभा की 30 सदस्यीय संसदीय कमेटी की प्रबल संस्तुति के बाद भी इस मानसून सत्र के एजेण्डे में पदोन्नति बिल का न होना इस बात को दर्शा रहा है कि भाजपा दलितों को उसका संवैधानिक हक नहीं देना चाहती। भाजपा वोट की राजनीति के लिये दलित समाज को मोहरा तो बनाती है लेकिन जब दलितों को संवैधानिक अधिकार देने की बात आती है तो भाजपा चुप हो जाती है। पूरे देश का दलित समाज यह बात पूरी तरह से समझ चुका है कि बाबा साहब के नाम पर केन्द्र की मोदी सरकार घड़ियाली आंसू बहाकर पूरे देश के लगभग 40 करोड़ दलित समाज को गुमराह कर रही है। वह दिन दूर नहीं जब देश का दलित समाज अपने इस अपमान का बदला जरूर लेगा।
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