सरकार हर समस्या का समाधान लेकर आयी है: योगी आदित्यनाथ

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  • नदियों के किनारे उपयोगिता वाले वृक्षों को दी जाय वरीयता: उमा भारती
  • 24 गांवों को किया गया ओडीएफ एवं 35 स्वच्छता रथों का हुआ शुभारम्भ
  • उ.प्र. को ओडीएफ किये जाने हेतु जनसहभागिता जरूरी: मुख्यमंत्री
  • अर्द्धकुम्भ की तैयारियों का रिहर्सल होगा माघ मेला-2018
लखनऊ: 12 अगस्त, 2017मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद इलाहाबाद के नैनी क्षेत्र में स्थित यूनाइटेड इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी के सभागार में आयोजित ’गंगा ग्राम सम्मेलन एवं स्वच्छता रथ शुभारम्भ कार्यक्रम’ को सम्बोधित करते हुए आमजन से नमामि गंगे कार्यक्रम के माध्यम से गंगा जी के साथ जुड़ने का आहवान किया। इस अवसर पर उन्होंने 24 ग्रामों को खुले मे शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने के साथ जनजागरूकता के लिए 35 स्वच्छता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एसबीएम डैश बोर्ड का भी शुभारम्भ किया। इसमें उल्लिखित विषयों पर लोगों से सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे और लोगों पुरस्कृत भी किया जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर एक त्रैमासिक सूचना पत्र एवं इससे संबधित शासनादेशों के संकलन का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री जी ने बल्क एसएमएस के माध्यम से लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 30 लाख लोगों को मंच से एसएमएस भेजने की व्यवस्था का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी की पहल पर अब पूरे देश के लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक हो रहे हंै। आम व्यक्ति के मन में स्वच्छता के प्रति यह झुकाव देश स्वच्छता के संकल्प को पूरा करने का एक शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में 1,011 गांवों को ओडीएफ किया गया है तथा उ.प्र. के तीन जनपद बिजनौर, हापुड़ एवं गाजियाबाद को भी पूरी तरह से ओडीएफ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 31 दिसम्बर तक 30 जनपदों को ओडीएफ किये जाने का लक्ष्य है।
योगी जी ने कहा कि पूर्वान्चल में बच्चों की बीमारी इन्सेफेलाइटिस से असमय होने वाली मृत्यु के पीछे गंदगी होना एक महत्वपूर्ण वजह होती है। इसलिए हर व्यक्ति को स्वच्छता के प्रति जागरूक होना चाहिए। सरकार हर समस्या का समाधान लेकर आयी है लेकिन उसके साथ समाज को जागरूक होकर जुड़ने की जरूरत है। सरकार निरंतर प्रदेश को प्रगति पथ और आगे बढ़ाये के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ इक्नायवे लाख शौचालय निर्माण होने हैं, जिसके सापेक्ष 43 लाख शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। 78 लाख शौचालयों का निर्माण 31 मार्च 2018 तक तथा शेष 70 लाख शौचालयों का निर्माण अक्टूबर 2018 तक कर दिया जायेगा।
राज्य सरकार पूरे उत्तर प्रदेश को ओडीएफ किये जाने के लिए कृतसंकल्प है जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनसहभागिता भी अत्यन्त जरूरी है। जनसहयोग से लक्ष्यों को शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। शौचालय निर्माण में लाभार्थी को 12,000 रुपये मिलते हैं जिसमें वह अपनी भी पूंजी लगाकर और अच्छा शौचालय निर्माण कर सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने स्वच्छता अभियान से जुडे़ लोगों से कहा कि सेफ्टी टैंक में कहीं भी लीकेज न हो, इसकी अभी से सावधानी बरतें। उन्होंने कहा दूषित जल के इस्तेमाल से रोग का वायरस फैल सकता है। ओडीएफ किये जाने का लक्ष्य बहुत बड़ा है लेकिन उसे हासिल किये जाने हेतु हर संभव प्रयास सरकार कर रही है। उन्होंने इस कार्य में अपना योगदान देने वालों को बधाई भी दी और कहा कि जिन गांवों को ओडीएफ कर दिया गया है, वहां के लोग शौचालयों का हर दिन उपयोग करें, इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपनी आदतों को सुधारते हुए स्वच्छता अभियान में सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जो भी रूढ़िवादी विचारधारायें हैं उनको देश की स्वच्छता के रास्ते में न आने दिया जाय। जनोपयोगी कार्यक्रमों में समाज आगे चले और सरकार उसकी सहयोगी बन सबकी सहायता करे। ऐसा करने से इन कार्यक्रमों के सफल होने में कोई संदेह नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति को बचाने के लिए हर व्यक्ति को सामने आना चाहिए। नदियों के किनारे उपयोगिता वाले वृक्षों को लगाये जायें जो जलसंरक्षण एवं पर्यावरण में अपना सहयोग देंगे। वृक्षारोपण में पंचवटी, नक्षत्र वाटिका आदि तरह के उपवन स्थापित किये जायंे।
योगी जी ने कहा कि अर्द्धकुम्भ मेले को विश्व के सामने एक अनुपम एवं मनोहर कार्यक्रम के रूप में रखना है। अर्द्धकुम्भ की तैयारियों का रिहर्सल आगामी माघ मेले में दिखायी देगा। मेले में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार कोई समस्या न हो यह हमारी सबकी जिम्मेदारी है। हमें अपनी संस्कृति के अनुरूप कार्य करते हुए ’अतिथि देवो भव’ के सिद्धान्त का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दस लाख लोगों को ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत आवास दिये जा रहे हैं जिसमें पात्र परिवार को एक लाख बीस हजार एवं बारह हजार रुपये शौचालय के लिए मिलेंगे। वर्ष 2019 में 24 लाख आवासों का निर्माण किया जा रहा है जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पारदर्शिता सुनिश्चित की जाय। इसी तरह शहरी क्षेत्र में दो लाख आवास दिये जाने का लक्ष्य है जिसमे पात्र परिवार को दो लाख पचास हजार रुपये एवं आठ हजार रुपये शौचालय के लिए भी अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ हर लाभार्थी तक पहुँचाया जाय। योजनाओं के लक्ष्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण भी किया जाय।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि गंगा की स्वच्छता और उसके महत्व को सुरक्षित रखने के लिए उनकी सरकार एक नया कानून बनाये जाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गंगा को देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की विरासत मानकर उसका संरक्षण किया जाना चाहिए। हर विभाग गंगा की साफ-सफाई के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाए। किसी भी नदी के प्रवाह को बांध से पूरी तरह बाधित नहीं किया जा सकता है। गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने में जलीय जीव जन्तुओं का विशेष योगदान रहता है। इसीलिए उनकी सरकार द्वारा नदियों एवं विशेष तौर पर गंगा के संरक्षण के लिए एक्वालाइफ का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
सुश्री भारती ने कहा कि गंगा के किनारे गांवों के ओडीएफ किये जाने के साथ-साथ गांव के चैपाल एवं तीर्थों का भी सुन्दरीकरण कर गांव को निर्मल एवं स्वच्छ बनाया जा सकता है। गांव में स्वच्छता के लिए सामजिक जागरूकता बहुत जरूरी है। नदियों के प्रति लोगों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। भारत की संस्कृति में नदी और नारी का संरक्षण एक प्राचीन परंपरा है तथा यह प्रकृति और समाज दोनों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
केन्द्रीय मंत्री ने गंगा की समस्त धाराओं के अविरल प्रवाह और गंगा के उत्तर काशी से लेकर गंगा सागर तक के प्रवाह मार्ग को निर्मल बनाये रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा के पूरे प्रवाह मार्ग में किनारों पर वृक्षारोपण किया जाए। नदी में गिरने वाले अपशिष्ट को रोका जाए ताकि इस अभियान को सफल बनाया जा सके।
कार्यक्रम को केन्द्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने स्वच्छता की वैचारिक पृष्ठ भूमि पर प्रकाश डाला और कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हमारा लक्ष्य गांवों को केवल ओडीएफ करना ही नहीं बल्कि समाज में स्वच्छता का संस्कार विकसित करना है। सरकार का लक्ष्य गांवों को केवल ओडीएफ नहीं बल्कि ओडीएफ प्लस भी करना है जिसमें गांवों के वातावरण को भी सुन्दर बनाये जाने की योजना है। कार्यक्रम को भारत सरकार के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकास कार्यों को गति दिये जाने कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। स्वच्छता कार्यक्रम के तहत शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता कार्यक्रमों से जुड़कर इन्हें सफल बनाने में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने लोगो से अपील की कि यदि वे सफाई नहीं कर सकते हैं तो कम से कम हम गंदगी न फैलायें। इसका संकल्प लें। उन्होंने कहा कि 2019 के अर्द्धकुम्भ मेले में स्वच्छ एवं निर्मल गंगा की धारा श्रद्धालुओं को मिले इसके लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम के अन्त में स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले तथा ओडीएफ हो चुके जनपदों के प्रशासनिक अधिकारियों, ग्राम प्रधानों एवं स्वच्छाग्रहियों को चेक एवं अंग वस्त्र प्रदान किए गये। इसी क्रम में इलाहाबाद के जिलाधिकारी श्री संजय कुमार को विशेष रूप से सम्मानित करते हुए आईएएस बी. चन्द्रकला तथा कंचन वर्मा को भी सम्मानित किया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी बिजनौर तथा मिर्जापुर तथा 20 स्वच्छताग्रहियों को भी सम्मानित किया गया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमाभारती, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में ही मंच पर उपस्थित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों आदि के साथ उपस्थित समस्त जनसमूह को स्वच्छता की शपथ दिलायी गयी। कार्यक्रम के प्रारम्भ में जनजागरूकता के लिए नुक्कड नाटकों और छोटी फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया।
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