NIA के नाम से ‘टेरर फण्डिंग’ करने वालों के दिल में दहशत होती है: राजनाथ सिंह

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  • टेरर फण्डिंग में फेक करेंसी की बहुत बड़ी भूमिका
  • एनआईए एक ‘क्रेडिबिल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी’ है
  • मुख्यमंत्री राष्ट्रीय जांच एजेंसी, लखनऊ के कार्यालय
    एवं आवासीय परिसर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए 
लखनऊ: 20 अगस्त, 2017।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भारत आतंकवाद से प्रभावित है और विगत अनेक वर्षों से इससे जूझ रहा है। आज आतंकवाद पूरे विश्व के लिए एक चुनौती बना हुआ है। भारत के कई पड़ोसी देशों ने आतंकवाद को बढ़ावा देते हुए इसे अपनी विदेश नीति का हिस्सा बना लिया है। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा देश इस चुनौती का डट कर सामना कर रहा है और आतंकवादियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है, जिसका परिणाम है कि जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में आतंकवादियों को समाप्त किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने यह विचार आज यहां गोमतीनगर एक्सटेंशन में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) लखनऊ के कार्यालय एवं आवासीय परिसर के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि एनआईए ने प्रभावी ढंग से काम करते हुए आतंकवाद से सम्बन्धित मामलों को त्वरित गति से हल करने में सफलता पायी है।
योगी जी ने कहा कि आतंकवाद किसी भी सभ्य समाज के लिए एक अभिशाप है और आधुनिक विकास की सबसे बड़ी बाधा है। भारत आतंकवाद के विरुद्ध की गई सभी अंतर्राष्ट्रीय पहल का समर्थक रहा है। भारत ने देश की सुरक्षा और सम्प्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए समय-समय पर अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए इसमें सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आतंकवाद और जाली करेंसी, एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। टेरर फण्डिंग में फेक करेंसी की बहुत बड़ी भूमिका है। ऐसे में आतंकवाद से निपटने के लिए फेक करेंसी की समस्या से भी निपटना होगा, क्योंकि यह आतंकवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को कमजोर भी करती है। एनआईए फेक करेंसी से जुड़े मामलों सेे प्रभावी ढंग से निपट रही है। लखनऊ में इस जांच एजेंसी का अपना कार्यालय एवं आवासीय परिसर स्थापित हो जाने के बाद अब इसकी कार्य-कुशलता और बढ़ेगी।
योगी जी ने कहा कि आतंकवाद से निपटने में तकनीक का प्रयोग बहुत कारगर साबित हो रहा है। ऐसे में एनआईए सहित सभी केन्द्रीय अथवा राज्य की इन्टेलीजेंस और सुरक्षा एजेंसियों का लगातार तकनीकी उन्नयन आवश्यक है। राज्य सरकार अपनी एजेंसियों के परिप्रेक्ष्य में इस बिन्दु पर ध्यान दे रही है। प्रदेश सरकार द्वारा एटीएस को मजबूत बनाने का भी काम किया जा रहा है। राज्य की इन्टेलीजेंस और सुरक्षा एजेंसियों तथा एनआईए के बीच बेहतर तालमेल बहुत जरूरी है। इससे आतंकवाद, नक्सलवाद इत्यादि जैसी समस्याओं से निपटने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने एनआईए और राज्य सरकार की इन्टेलीजेंस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हर 06 माह पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया ताकि इसमें एनआईए और राज्य इन्टेलीजेंस एवं सुरक्षा एजेंसियां सूचनाएं साझा कर सकें।
मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर मौजूद केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह तथा एनआईए के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस एजेंसी के साथ अच्छा तालमेल बनाकर आतंकवाद की समस्या से निपटने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करेगी। राज्य सरकार एनआईए से हर संभव सहयोग करेगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्ष 2009 से अस्तित्व में आयी एनआईए आतंकवादी मामलों की पड़ताल बहुत ही वैज्ञानिक ढंग से करती है। इसने अब तक 165 मामलों में से 95 प्रतिशत मामलों को सुलझाया है, जिसमें से 94 प्रतिशत मामलों में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता पायी है। उन्होंने कहा कि एनआईए एक ‘क्रेडिबिल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी’ है। अभी तक एनआईए का अपना कोई कार्यालय परिसर नहीं था। लखनऊ में निर्मित यह परिसर इस एजेंसी का पहला निजी कार्यालय तथा आवासीय परिसर है। इसकी स्थापना से अब इस एजेंसी की कार्य-कुशलता और बढ़ेगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज एनआईए के नाम से ‘टेरर फण्डिंग’ करने वालों के दिल में दहशत होती है। यह एक स्वायत्तशासी संस्था है। इसमें किसी का हस्तक्षेप नहीं है। आतंकवाद से देश की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम पूरी कठोरता के साथ उठाए जा रहे हैं। शीघ्र ही हम आतंकवाद, नक्सलवाद इत्यादि जैसी समस्याओं से निजात पा लेंगे।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस एजेंसी के गठन के बाद से नाॅर्थ ईस्ट के उग्रवाद में 75 प्रतिशत की कमी आयी है, जबकि नक्सलवाद की घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आयी है। आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी समस्याओं में फेक करेंसी की बहुत बड़ी भूमिका है। एनआईए इस समस्या के स्रोतों की जांच बहुत ही प्रभावी ढंग से कर रही है। ‘टेरर फण्डिंग’ में लिप्त अनेक लोग अब इसकी गिरफ्त में हैं। एनआईए राज्य की इन्टेलीजेंस तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाते हुए काम करेगी और सूचनाएं भी साझा करेगी।
उल्लेखनीय है कि आतंकवादी घटनाओं की विस्तृत जांच, इससे सम्बन्धित कानूनी मामलों के निस्तारण, आतंकवादियों को कठोर से कठोर दण्ड दिलाने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनआईए का गठन एनआईए एक्ट, 2008 के तहत दिसम्बर, 2008 में किया गया था। एनआईए ने जनवरी, 2009 में कार्य करना शुरू किया और तब से अब तक रजिस्टर 165 मामलों में से 95 प्रतिशत मामलों को इस एजेंसी ने हल किया है। लखनऊ स्थित एनआईए परिसर के ज्यूरिसडिक्शन में उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश तथा बिहार राज्य शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार के ग्राम्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. महेन्द्र सिंह, एनआईए के महानिदेशक श्री शरद कुमार, प्रमुख सचिव गृह श्री अरविन्द कुमार, डीजीपी श्री सुलखान सिंह, एनआईए के वरिष्ठ अधिकारीगण, बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक तथा मीडिया प्रतिनिधि मौजूद थे।

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