मुख्य सचिव के पत्र में दलित व पिछड़े वर्ग के संगठन को किया जा रहा टारगेट

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  • पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन ने मुख्य सचिव, उप्र की तरफ से गोपनीय तरीके से कराया जारी पत्र, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने कहा दलित व पिछड़े वर्ग के नेताओं की गिरफ्तारी के लिये की जा रही बड़ी साजिश, जिससे निजीकरण के खिलाफ चल रहा संवैधानिक आन्दोलन हो बन्द।
  • भनक लगते ही प्रदेश के आरक्षण समर्थकों ने बजाया बिगुल कहा दलित व पिछड़े वर्ग के नेताओं की हुई गिरफ्तारी तो पूरे प्रदेश के 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिक शुरू करेंगे जेल भरो आन्दोलन।
  • संवैधानिक लड़ाई को दबाने की हर गलत कोशिश का दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ता करेंगे विरोध।
लखनऊ, 20 मार्च। पावर आफिसर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में उप्र सरकार की कैबिनेट द्वारा लखनऊ सहित गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ व मुरादाबाद का निजीकरण करने हेतु लिये गये फैसले के विरोध में आज से पूरे प्रदेश में दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ताओं ने काली पट्टी बांधकर संवैधानिक तरीके से अपने विभागीय नियमित कार्य को निपटाया। एसोसिएशन के नेताओं अध्यक्ष केबी राम व कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज इस बात पर घोर चिन्ता व्यक्त की कि उप्र में दलित अभियन्ता जब अपनी संवैधानिक जायज मांग को लेकर संवैधानिक तरीके से अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं तो पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन द्वारा मुख्य सचिव, उप्र की तरफ से दलित व पिछड़े वर्ग के संगठन के खिलाफ सभी जिलाधिकारियों व मण्डलायुक्तों को पत्र जारी कराकर उसमें अनेकों असंवैधानिक बातों का उल्लेख किया गया है, जबकि एसोसिएशन बाबा साहब द्वारा बनायी गयी संवैधानिक व्यवस्था के तहत अपना आन्दोलन चला रही है।
दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ताओं का दमन करने व उनकी गिरफ्तारी कराने की साजिश की जा रही है, जिससे वह निजीकरण के खिलाफ आन्दोलन बन्द कर दें। इसकी भनक लगते ही पूरे प्रदेश के आरक्षण समर्थकों के शीर्ष संगठन आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र ने भी यह ऐलान कर दिया है कि किसी भी दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ता की यदि किसी भी क्षण गिरफ्तारी करायी जाती है तो उसी क्षण पूरे प्रदेश के 8 लाख आरक्षण समर्थक जेल भरो आन्दोलन की शुरूआत कर देंगे। संघर्ष समिति के नेताओं ने पूरे प्रदेश के लिये जारी किया एलर्ट और पावर आफिसर्स एसोसिएशन को दिया अपना पूर्ण समर्थन।
उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष केबी राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, अति. महासचिव अनिल कुमार, सचिव आरपी केन, संगठन सचिव, अजय कुमार ट्रांस्को अध्यक्ष महेन्द्र सिंह मध्यांचल अध्यक्ष शक्ति सिंह सिविल इकाई अध्यक्ष बीना दयाल, संगठन सचिव राधेश्याम, पीपी सिंह ने कहा कि पहले सपा सरकार में दलित कार्मिकों को रिवर्ट कराया गया और अब भाजपा सरकार में निजी करण कराकर दलित व पिछड़े वर्ग के लोगों को नौकरियों से वंचित करने के लिये बड़ी साजिश की जा रही है। पूरे प्रदेश में जिस प्रकार से उप्र की सरकार दलित कार्मिकों के खिलाफ लगातार उत्पीड़ात्मक कदम उठा रही है, उससे पूरे प्रदेश के दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ता काफी आन्दोलित हैं।

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